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Sep 11, 2026
मोबाइल बना मालिक, इंसान बना नौकर: आखिर कब संभलेंगे हम?
मोबाइल की बढ़ती लत बच्चों से बुजुर्गों तक जीवन, रिश्तों और दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। संपादकीय में इसी गंभीर स्थिति पर चिंता जताई गई है।
Sep 10, 2026
सत्संग से जीवन बदलता है, अंगारे की सीख समझिए आज
सत्संग से दूर होने पर जीवन में क्या फर्क पड़ता है, बुझते अंगारे की कहानी और ईश्वर भक्ति की सीख इसे समझाती है।
Sep 09, 2026
टीचर ट्रांसफर से ‘नाराज फूफा’ और Gen-Z तक, सवाल कई!
टीचर ट्रांसफर, अफसरशाही पर अदालत की टिप्पणी, ‘नाराज फूफा’ की चर्चा और Gen-Z से संवाद—संपादकीय में मौजूदा मुद्दों पर व्यंग्यात्मक नजर।
Aug 31, 2026
जीवन का असली रहस्य क्या है? भोग नहीं, ज्ञान और मानवता में छिपा है जीवन...
जीवन केवल धन कमाने, खाने-पीने और सुख-सुविधाओं के भोग तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य अनुभव से ज्ञान प्राप्त करना, स्वयं को पहचानना और मानवीय गुणों को अपनाना है। शुद्ध आचार, विचार, व्यवहार और प्रेम ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।
Aug 29, 2026
रिश्तों को बचाना है तो आत्मीयता बरतें: अपनापन और अहसास ही रिश्तों की अ...
आज स्वार्थ और भौतिकता के दौर में रिश्तों की डोर कमजोर होती जा रही है। श्रीराम और भरत के प्रसंग से सीख मिलती है कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि एक-दूसरे की पीड़ा समझने, आत्मीयता, प्रेम और सच्चे अहसास से टिकते हैं।
Aug 27, 2026
बदलते दौर के सवाल: शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और समाज के बीच आखिर हम कहां...
शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और आरक्षण से लेकर सफाई कर्मियों की हड़ताल व सामाजिक भेदभाव तक कई सवाल आज हमारे सामने हैं। बदलते दौर में आंदोलनों और सरकारी नीतियों के बीच समाज की संवेदनशीलता और आपसी संवाद पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Aug 26, 2026
गलती पर दोष नहीं, सही राह दिखाना सीखें
जीवन हमें हर कदम पर सीख देता है। गूगल मैप की तरह हमें भी दूसरों की गलतियों पर क्रोधित होने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाना चाहिए। सकारात्मक सोच, प्रेम, सहयोग और समझदारी से रिश्ते मजबूत होते हैं और जीवन खुशहाल बनता है।
Aug 25, 2026
प्रेम ही जीवन का सार: सद्गुरु की कृपा से खुलता है आत्मज्ञान का द्वार
प्रेम जीवन को सार्थक बनाने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। सच्चा प्रेम मनुष्य को सत्य, सद्गुरु और आत्मज्ञान की ओर ले जाता है। नफरत और मोह से दूर होकर प्रेम को जीवन में अपनाने से आध्यात्मिक शांति और आत्मकल्याण का मार्ग खुलता है।
Aug 22, 2026
बिन ईश्वर के हम कुछ भी नहीं: अहंकार छोड़ विनम्रता और समर्पण में ही सच्...
मनुष्य का स्वयं को सर्वशक्तिमान मानना केवल भ्रम है। जीवन, प्रकृति और हर सांस ईश्वर की कृपा पर निर्भर है। सुख-दुख को सहज स्वीकार कर अहंकार त्यागने, विनम्र रहने और परमात्मा पर विश्वास रखने में ही जीवन का सच्चा आनंद है।
Aug 21, 2026
विचार मरा नहीं करते: गांधी और शास्त्री के सत्य, अहिंसा और सादगी के सिद...
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचार आज भी समाज और राजनीति के लिए प्रेरणादायी हैं। सत्य, अहिंसा, शांतिपूर्ण आंदोलन, श्रमदान, शिक्षा और सादगी जैसे सिद्धांतों की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश से लेकर लाल बहादुर शास्त्री की ईमानदार एवं सादगीपूर्ण राजनीति तक, इन दोनों महान नेताओं के विचार वर्तमान दौर को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। लेख में यह भी बताया गया है कि शांतिपूर्ण आंदोलनों और सही सोच के साथ किए गए प्रयास किस तरह बदलाव ला सकते हैं। वास्तव में, विचार कभी मरते नहीं—वे पीढ़ियों तक समाज को प्रभावित करते रहते हैं।
Aug 20, 2026
कूटनीति का नजरिया: क्या जनहित वास्तव में जनहित है?
रोटी के दाम से जुड़ी यह कहानी दिखाती है कि कैसे कूटनीति से महंगे फैसलों को भी जनहित बताकर जय-जयकार कराई जाती है। व्यवस्था की इस चालाकी को समझने और सही स्थिति बनाए रखने के लिए सवाल पूछना बेहद जरूरी है।
Aug 20, 2026
कूटनीति का नजरिया: क्या जनहित वास्तव में जनहित है?
रोटी के दाम से जुड़ी यह कहानी दिखाती है कि कैसे कूटनीति से महंगे फैसलों को भी जनहित बताकर जय-जयकार कराई जाती है। व्यवस्था की इस चालाकी को समझने और सही स्थिति बनाए रखने के लिए सवाल पूछना बेहद जरूरी है।