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H-1B Visa पर बड़ा प्रस्ताव: नौकरी गई तो 60 दिन नहीं!

H-1B Visa पर बड़ा प्रस्ताव: नौकरी गई तो 60 दिन नहीं!
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Naresh Kumar

Sep 11, 2026

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अमेरिका ने विदेशी कामगारों के लिए 60 दिन का ग्रेस पीरियड खत्म करने का प्रस्ताव रखा, भारतीय पेशेवर प्रभावित हो सकते हैं।

अमेरिका ने विदेशी कामगारों के लिए 60 दिन का ग्रेस पीरियड खत्म करने का प्रस्ताव रखा, भारतीय पेशेवर प्रभावित हो सकते हैं।

 

 
 
अमेरिका ने एच-1बी वीजा धारक पेशेवरों सहित कुछ विदेशी कामगारों को काम छूटने के बाद दूसरी नौकरी तलाशने के लिए मौजूदा समय में मिलने वाली 60 दिन की मोहलत (ग्रेस पीरियड) को समाप्त करने के लिए एक नए नियम का प्रस्ताव किया है। 
 
इस प्रस्ताव को कानूनी जामा पहनाकर क्रियान्वित किये जाने की स्थिति में भारतीय प्रौद्योगिकी पेशेवरों पर सबसे अधिक नकारत्मक असर पड़ने की आशंका है जिन्हें प्रौद्योगिकी कंपनियों और अन्य कंपनियों ने एच-1बी वीजा पर काम पर रखा है।
 
एच-1बी वीजा एक गैर आव्रजन वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विशेष कार्यों के लिए विदेशी कर्मियों की नियुक्ति की अनुमति देता है जिनमें सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए वीजा की इस श्रेणी पर निभर हैं। 
 
सरकार द्वारा ''विवेकाधिकार से दिए जाने वाली 60 दिन की मोहलत को समाप्त करने'' का नया नियम शुक्रवार को  संघीय पंजी में प्रकाशित किया जाएगा और गृह मंत्रालय द्वारा आम जनता की राय अगले 60 दिन में आमंत्रित की जाएगी। 
 
अगर यह नियम लागू होता है, तो उन विदेशी कर्मचारियों को वीजा अवधि समाप्त होने से पहले नौकरी छूटने की स्थिति में और अमेरिका में रहने की कोई विशेष अनुमति की अनुपस्थिति में तुरंत स्वेदश लौटना होगा।
 
गृह मंत्रालय ने कहा, ''यह प्रस्ताव किसी विदेशी के गैर आव्रजन स्थिति और उस खास नौकरी या गतिविधि के बीच सीधा संबंध फिर से बनाता है, जिसके आधार पर उन्हें अमेरिका में प्रवेश या दर्ज मिला था। साथ ही, इससे प्रशासनिक बोझ कम होता है।'' 
 
इस प्रस्ताव के तहत, गृह मंत्रालय 60 दिन की मोहलत को समाप्त कर देगा जो फिलहाल ई-1, ई-2, ई-3, एच-1बी, एच-1बी1, एल-1, ओ-1 और टीएन गैर आव्रजक और उनके आश्रितों को नौकरी छूटने की स्थिति में मिलती है। 
 
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबाम के शासन में नियमों के तहत 'ग्रेस पीरियड' (छूट की अवधि) परिकल्पना जोड़ी गई थी, ताकि कर्मचारी अमेरिका में रहकर आसानी से अपना नियोक्ता बदल सकें। आव्रजन से जुड़े कानूनी मामले देखने वाली कंपनी 'फ्रैगोमेन' ने कहा कि गृह मंत्रालय ने अपने प्रस्ताव में स्वीकार किया है कि अगर छूट की अवधि से जुड़े नियम को समाप्त कर दिया जाता है, तो प्रभावित विदेशी नागरिकों को 'नोटिस टू अपीयर' (पेशी का नोटिस या एनटीए) जारी किया जा सकता है। यह सरकार द्वारा किसी व्यक्ति को देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू करने का पहला कदम है।
 
फ्रैगोमेन के मुताबिक एनटीए जारी होने की आशंका उन गैर आव्रजन श्रेणी वाले लोगों के लिए अधिक हो सकती है, जिनमें विदेशी नागरिक की सेवा समाप्त करने पर नियोक्ता को तत्काल संबंधित जानकारी सरकार को देनी होगी जिनमें एच-1बी, ओ-1 और पी श्रेणी के वीजा धारक कर्मी शामिल हैं।
 
गृह मंत्रालय के अनुमानों के मुताबिक 2025 में मोहलत अवधि का लाभ जेने वाले कर्मियों की संख्या 65,752 थी। यह संख्या वित्त वर्ष 2023 में सबसे अधिक 80,034 और वित्त वर्ष 2021 में सबसे कम 40,959 थी।
 
अमेरिकी कानून के तहत हर साल 65,000 एच-1बी वीजा जारी किये जाते हैं और इनके अलावा 20,000 वीजा उन लोगों के लिए आरक्षित होते हैं जिनके पास अमेरिकी उच्च शिक्षा संस्थानों की उच्च डिग्री होती है।

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