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राम मंदिर चंदा हेराफेरी: अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, CBI जांच और CrPC 173 की मांग

राम मंदिर चंदा हेराफेरी: अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, CBI जांच और CrPC 173 की मांग
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Naresh Kumar

Jun 29, 2026

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अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा — कोई भी वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। पैरवी करने पर ₹5 लाख जुर्माना। चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ CrPC धारा 173 के तहत कार्रवाई और CBI जांच की मांग। पूरा विवरण पढ़ें।

अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा — कोई भी वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। पैरवी करने पर ₹5 लाख जुर्माना। चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ CrPC धारा 173 के तहत कार्रवाई और CBI जांच की मांग। पूरा विवरण पढ़े

  • बार एसोसिएशन का फैसला — कोई वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा
  • पैरवी करने पर प्रति आरोपी 5 लाख रुपये का जुर्माना
  • CrPC धारा 173 के तहत चंपत राय, गोपाल राव, अनिल मिश्रा पर केस की मांग
  • CBI जांच की मांग, जरूरत पड़ने पर SC और HC का दरवाजा खटखटाएंगे
  • SIT जांच के बाद 8 आरोपी गिरफ्तार, 79.85 लाख रुपये बरामद
  • चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दिया

बार एसोसिएशन का ऐतिहासिक फैसला

अयोध्या (फैजाबाद) बार एसोसिएशन ने राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में एक ऐतिहासिक और सख्त रुख अपनाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने स्पष्ट किया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी कोई भी वकील नहीं करेगा।

"कोई भी वकील आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा। अगर कोई वकील उनका पक्ष रखता है, तो उसे एसोसिएशन के कंट्रीब्यूशन फंड में प्रति नाम 5 लाख रुपये जमा करने होंगे। चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए CrPC की धारा 173 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी। CBI जांच की मांग की जाएगी... ज़रूरत पड़ने पर अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी।"

— कालिका प्रसाद मिश्रा, अध्यक्ष, फैजाबाद बार एसोसिएशन

बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने भी कहा कि मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी से सभी अधिवक्ताओं की भावनाएं गहरी रूप से आहत हुई हैं। उन्होंने बताया कि 2005 में राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकवादी हमले के आरोपियों के मामले में भी अयोध्या के वकीलों ने ऐसा ही निर्णय लिया था।

मामले की पूरी पृष्ठभूमि

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मंदिर में चढ़ावे और दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों पर गड़बड़ी के आरोप लगे। शिकायत ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की ओर से दर्ज कराई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय SIT गठित की गई जिसने जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी।

कुल गिरफ्तार             बरामद राशि         कुल दान (3 वर्ष)           जांच एजेंसी
8 आरोपी                  ₹79.85 लाख         ₹3500 करोड़                SIT (UP)
 
 
 
 
 

8 गिरफ्तार आरोपी

FIR में नामजद और गिरफ्तार किए गए आरोपी

1अविनाश शुक्ला
2अनुकल्प मिश्रा
3लवकुश मिश्रा
4मनीष कुमार यादव
5करुणेश पांडेय
6रामशंकर मिश्रा
7सुभाष श्रीवास्तव
8रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राय के ड्राइवर)

घटनाक्रम — टाइमलाइन

13 जून 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया
 
25 जून 2026 : SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई, रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज हुई
 
25 जून 2026 : FIR दर्ज होने के कुछ घंटों बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया
 
26 जून 2026 : ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया
 
28 जून 2026 : PMO ने ट्रस्ट से वित्तीय ब्योरा मांगा, ट्रस्ट ने SIT जांच का हवाला देते हुए जानकारी देने से मना किया
 
29 जून 2026 : फैजाबाद बार एसोसिएशन की आम बैठक — आरोपियों की पैरवी न करने का अंतिम फैसला, CBI जांच और CrPC 173 की मांग
 

बार एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

अयोध्या एडवोकेट्स एसोसिएशन की 4 बड़ी मांगें

1. चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ CrPC धारा 173 के तहत केस दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की जाए
2. CBI से निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके
3. जरूरत पड़ने पर एसोसिएशन अपने खर्च पर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेगी
4. अगर कोई वकील आरोपियों की पैरवी करता है तो उस पर प्रति आरोपी के नाम पर ₹5 लाख का जुर्माना

चंपत राय पर क्यों उठ रहे सवाल?

गिरफ्तार आठ आरोपियों में चंपत राय के ड्राइवर और करीबी सहयोगी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम शामिल होने से ट्रस्ट के महासचिव पर सवाल उठने लगे। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट को इस गड़बड़ी की जानकारी मामला सार्वजनिक होने से कई दिन पहले ही मिल गई थी। 5 जून को चंपत राय के निर्देश पर ट्रस्ट के प्रतिनिधि पुलिस के साथ आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंचे थे। विपक्ष मंदिर के फंड और जमीन लेन-देन में भी चंपत राय की भूमिका की जांच की मांग कर रहा है।

PMO ने मांगा था हिसाब — ट्रस्ट ने किया इनकार

बीजेपी नेता रजनीश सिंह की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि राम मंदिर ट्रस्ट से आय-व्यय, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी जाए। हालांकि ट्रस्ट ने SIT जांच का हवाला देते हुए कोई भी वित्तीय विवरण देने से इनकार कर दिया।

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