Iran-US War News: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान के बीच हमले तेज
Naresh Kumar
Jul 18, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमले तेज हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है। जानिए ताजा अपडेट।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले जारी रखे। इस बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर तनाव और गहरा गया है।
लगातार जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
अमेरिका ने सातवीं रात भी किए हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया गया। इन हमलों में निगरानी केंद्रों, सैन्य रसद ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
अमेरिका का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
ईरान का दावा, दर्जनों लोगों की मौत
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हालिया अमेरिकी हमलों में 46 लोगों की मौत हुई है और 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। शुक्रवार को एक पुल पर हुए हमले में आठ लोगों की जान गई।
ईरान ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिकी हमलों में उसके बिजली ढांचे और दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत के कई पुलों को नुकसान पहुंचा है।
कुवैत और बहरीन में भी बढ़ी सतर्कता
कुवैत ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही मार गिराया। वहीं बहरीन में संभावित हवाई हमलों को देखते हुए चेतावनी सायरन बजाए गए।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर, तेल महंगा
संघर्ष के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बाधित कर दी है। इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा है।
- कच्चे तेल की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
- इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ा तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
चाबहार बंदरगाह भी बना निशाना
अमेरिकी हमलों में ईरान के चाबहार बंदरगाह का एक प्रमुख निगरानी टॉवर भी ढह गया। ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA और बाद में अमेरिकी सेना ने भी इसकी पुष्टि की।
ईरान का कहना है कि यह टॉवर व्यावसायिक जहाजों की निगरानी के लिए इस्तेमाल होता था, जबकि अमेरिका का दावा है कि यह ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा था।
ट्रंप पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अभियान अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। हालांकि अमेरिका में युद्ध को जल्द समाप्त करने और लंबे समय तक संघर्ष से बचने के लिए ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है।