India-UK CETA 2026: 15 जुलाई से लागू होगा भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता, 99% भारतीय उत्पादों को मिलेगी जीरो ड्यूटी, जानें क्या होगा सस्ता
Naresh Kumar
Jul 13, 2026
India UK CETA 2026 15 जुलाई से लागू होगा। भारत के 99% निर्यात उत्पादों को यूके में जीरो ड्यूटी मिलेगी। जानें FTA के फायदे, सस्ती होने वाली वस्तुएं, भारतीय पेशेवरों को मिलने वाले लाभ और व्यापार पर असर।
भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। यह India-UK Free Trade Agreement (FTA) दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगा और वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 100 से 120 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार यह समझौता निर्यात, निवेश, रोजगार और वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस समझौते के तहत यूके भारत के 99 प्रतिशत निर्यात उत्पादों को टैरिफ-फ्री (Zero Duty) बाजार पहुंच देगा। इससे भारतीय कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, मरीन उत्पाद, जेम्स एंड ज्वेलरी तथा इंजीनियरिंग गुड्स जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
India-UK CETA 2026 भारतीय पेशेवरों के लिए भी नई संभावनाएं लेकर आया है। समझौते के तहत आईटी प्रोफेशनल्स के अलावा हर वर्ष 1,800 भारतीय शेफ, योग प्रशिक्षकों और शास्त्रीय संगीतकारों को यूके में विशेष मोबिलिटी अवसर मिलेंगे। साथ ही Double Contribution Convention (DCC) लागू होने से अस्थायी रूप से यूके में कार्यरत भारतीय पेशेवरों को दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से राहत मिलेगी। यह छूट अब 3 वर्ष की बजाय 5 वर्ष तक उपलब्ध होगी।
भारत में भी इस समझौते का सीधा असर देखने को मिलेगा। स्कॉच व्हिस्की और जिन पर लगने वाली 150 प्रतिशत आयात शुल्क घटकर पहले चरण में 75 प्रतिशत हो जाएगी, जिसे अगले 10 वर्षों में घटाकर 40 प्रतिशत किया जाएगा। इसके अलावा यूके से आने वाली प्रीमियम कारें, चॉकलेट, बिस्कुट और कॉस्मेटिक उत्पाद भी पहले की तुलना में सस्ते हो सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टैक्स छूट केवल उन्हीं वस्तुओं को मिलेगी जो वास्तव में भारत या यूके में निर्मित होंगी। केवल री-पैकेजिंग या मामूली प्रोसेसिंग वाले उत्पाद इस लाभ के पात्र नहीं होंगे।
सरकार का मानना है कि यह समझौता तिरुपुर, सूरत, लुधियाना, पुणे और चेन्नई जैसे भारत के प्रमुख विनिर्माण क्लस्टरों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Value Chains) से जोड़ेगा। साथ ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह समझौता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्योग जगत का मानना है कि India-UK CETA 2026 भारत के निर्यात, निवेश और रोजगार वृद्धि के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।