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कारगिल युद्ध का जिक्र कर भारत ने UN में पाकिस्तान को घेरा

कारगिल युद्ध का जिक्र कर भारत ने UN में पाकिस्तान को घेरा
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Naresh Kumar

Oct 23, 2026

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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने 1999 के कारगिल युद्ध का हवाला देते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा। भारत ने कहा कि उस समय पाकिस्तान ने अपने मारे गए सैनिकों के शव स्वीकार करने से इनकार किया था, जबकि अब वह धार्मिक स्वतंत्रता और अंतिम संस्कार के अधिकारों की बात कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने 1999 के कारगिल युद्ध का हवाला देते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा। भारत ने कहा कि उस समय पाकिस्तान ने अपने मारे गए सैनिकों के शव स्वीकार करने से इनकार किया था, जबकि अब वह धार्मिक स्वतंत्रता और अंतिम संस्कार के अधिकारों की बात कर रहा है।

न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में मारे गए अपने सैनिकों के शव तक स्वीकार करने से इनकार करने वाला देश आज धार्मिक स्वतंत्रता, आस्था और अंतिम संस्कार के अधिकारों की बात कर रहा है। भारत ने पाकिस्तान के रुख को विडंबनापूर्ण बताते हुए उसके मानवाधिकार संबंधी दावों पर सवाल उठाए।

कारगिल युद्ध का हवाला देकर भारत ने उठाए सवाल

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन ने बृहस्पतिवार को धार्मिक स्वतंत्रता और विशेष परिस्थितियों में अंतिम संस्कार के अधिकारों पर चर्चा के दौरान भारत का पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों के शवों को दफनाया था। उनके अनुसार, उस समय पाकिस्तान ने युद्ध में अपने सैनिकों की संलिप्तता स्वीकार करने से इनकार किया था।

मंगलानंदन ने कहा कि भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी सैनिकों को सैन्य सम्मान और इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुरूप दफनाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय अपने सैनिकों के शव स्वीकार नहीं करने वाला पाकिस्तान अब आस्था और अंतिम संस्कार के अधिकारों की वकालत कैसे कर रहा है।

जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का मुद्दा

यह टिप्पणी धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के अधिकार पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक नाजिला घानिया की अंतरिम रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान की गई।

रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा अभियानों के दौरान मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार संबंधी अधिकारों के कथित उल्लंघन पर चिंता जताई गई है। इसमें शवों को परिजनों को सौंपने से इनकार करने और दूरदराज के स्थानों पर गुप्त रूप से दफनाए जाने के आरोपों का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं से मुसलमान विशेष रूप से प्रभावित होते हैं।

भारत ने इन टिप्पणियों के संदर्भ में पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि उसे जम्मू-कश्मीर के उन क्षेत्रों की स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए, जिन पर भारत के अनुसार पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। भारतीय प्रतिनिधि ने विशेष रूप से रावलकोट का उल्लेख किया।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी उठाए सवाल

भाविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां अल्पसंख्यकों की संख्या लगातार घट रही है और उनके अधिकारों का नियमित रूप से हनन होता है।

उन्होंने कहा कि जो देश अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता, उसे भारत को उपदेश देने का अधिकार नहीं है।

आतंकवाद और अंतिम संस्कार के अधिकार पर भारत का पक्ष

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि आतंकवादियों के अंतिम संस्कार के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर कानूनी सीमाओं और संप्रभु अधिकारों के सिद्धांतों को ध्यान में रखना आवश्यक है।

उन्होंने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें आतंकवादियों के अधिकारों की पैरवी की गई है, लेकिन आतंकवाद के पीड़ितों के अधिकारों को उसी तरह प्रमुखता नहीं दी गई। उनके अनुसार, आतंकवाद निर्दोष लोगों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन करता है और समाज पर भी गंभीर असर डालता है।

रिपोर्ट में वैश्विक स्तर पर समान दृष्टिकोण की मांग

मंगलानंदन ने कोविड-19 महामारी के दौरान भेदभाव और गलत व्यवहार से जुड़ी रिपोर्ट की टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में ऐसी घटनाओं का उल्लेख कथित तौर पर मुख्य रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के संदर्भ में किया गया है, जबकि विकसित देशों में हुई समान घटनाओं पर पर्याप्त चर्चा नहीं की गई।

‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल मुख्य रूप से एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और प्रशांत क्षेत्र के विकासशील, कम विकसित या उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के लिए किया जाता है।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते समय सभी देशों के मामलों को समान दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए और लोगों के दर्द तथा नुकसान का राजनीतिक लाभ उठाने से बचना चाहिए।

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