अमेरिकी संसद में बढ़ेगा 'समोसा कॉकस' का दबदबा, दो नए भारतीय-अमेरिकी सांसद जुड़ेंगे
Naresh Kumar
Nov 05, 2026
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल के सांसदों का समूह 'समोसा कॉकस' मजबूत होगा। पिया दांडिया और अमीश शाह के जुड़ने की उम्मीद है।

वाशिंगटन। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण हासिल करने के बाद भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों के अनौपचारिक समूह 'समोसा कॉकस' का दबदबा एक बार फिर बढ़ने की उम्मीद है। इस समूह में इस बार दो नए चेहरे पिया दांडिया और अमीश शाह शामिल होने जा रहे हैं।
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों के इस समूह में पहले सदस्यों की संख्या घटने की आशंका थी। मिशिगन से सांसद श्री थानेदार के डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में हारने और राजा कृष्णमूर्ति की इलिनॉय से सीनेट चुनाव लड़ने की कोशिश नाकाम रहने के कारण समूह के सदस्यों की संख्या चार रह जाने का अनुमान था।
चार मौजूदा भारतीय-अमेरिकी सांसद फिर निर्वाचित
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद अमी बेरा, रो खन्ना, सुहास सुब्रमण्यम और प्रमिला जयपाल ने प्रतिनिधि सभा के चुनाव में फिर जीत दर्ज की है।
वहीं, पिया दांडिया ने फ्लोरिडा के नए परिसीमन के बाद बनाए गए 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की। यह क्षेत्र रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है।
आपातकालीन चिकित्सा विभाग में काम करने वाले डॉक्टर अमीश शाह भी एरिजोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत की ओर बढ़ रहे हैं।
अमी बेरा और रो खन्ना ने फिर दर्ज की जीत
कैलिफोर्निया के तीसरे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से 61 वर्षीय अमी बेरा ने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को हराकर प्रतिनिधि सभा में आठवीं बार जीत दर्ज की।
वहीं, 50 वर्षीय रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की। यह क्षेत्र सिलिकॉन वैली का प्रमुख हिस्सा है। वह अपना पांचवां कार्यकाल पूरा कर रहे हैं और जनवरी में छठा कार्यकाल शुरू करेंगे।
सुहास सुब्रमण्यम और प्रमिला जयपाल भी जीते
सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया। उन्हें 61 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। सुब्रमण्यम इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं।
वहीं, वाशिंगटन के सातवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमिला जयपाल ने प्रतिनिधि सभा में अपना छठा कार्यकाल हासिल किया।
पिया दांडिया ने फ्लोरिडा में हासिल की जीत
39 वर्षीय पिया दांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को हराकर जीत दर्ज की। उन्हें 51.9 प्रतिशत वोट मिले।
दांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उन्होंने शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया और बाद में न्यूयॉर्क के हार्लेम में एक हाई स्कूल की प्रिंसिपल बनीं।
विवेक रामास्वामी गवर्नर चुनाव हारे
भारतीय मूल के कई अन्य उम्मीदवारों ने भी अमेरिकी चुनाव में किस्मत आजमाई। मैरीलैंड की डेमोक्रेटिक लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने एक और कार्यकाल हासिल किया।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन से चुनाव लड़ रहे भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए। उन्होंने मई में रिपब्लिकन प्राइमरी चुनाव जीता था।
नॉर्थ कैरोलाइना के चौथे कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार महेश गणोरकर भी डेमोक्रेटिक सांसद वैलेरी फूशी से चुनाव हार गए।
पूजा सेठी बनीं टेक्सास विधानसभा की पहली भारतीय मूल की हिंदू महिला
टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पूजा सेठी ने हाउस डिस्ट्रिक्ट 47 से रिपब्लिकन उम्मीदवार जेनिफर मुश्टालर को हराया। इसके साथ ही वह टेक्सास राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित होने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी और पहली हिंदू बनीं।
हालांकि, उनके साथी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार संदीप श्रीवास्तव हाउस डिस्ट्रिक्ट 66 से चुनाव हार गए। उन्हें रिपब्लिकन उम्मीदवार मैट शहीन ने हराया।
3 जनवरी 2027 को शपथ लेंगे नए सांसद
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों, सीनेट की 35 सीटों, गवर्नर के 36 पदों और कई स्थानीय पदों के लिए चुनाव कराए गए थे। डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में नियंत्रण हासिल कर लिया है।
तीन नवंबर को निर्वाचित हुई नई कांग्रेस के सदस्य 3 जनवरी 2027 को शपथ लेंगे।
अनुमान के अनुसार, अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की आबादी 50 लाख से अधिक है। यह देश में एशियाई मूल की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। चुनाव परिणामों के बाद अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधियों की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।