National
बुजुर्गों के हक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चार हफ्ते में रिपोर्ट
N
Naresh Kumar
Sep 07, 2026
12 Views
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को वृद्धाश्रमों और वरिष्ठ नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की ताजा जानकारी देने का निर्देश दिया है। राज्यों को चार सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामला बुजुर्गों के अधिकारों और कल्याण से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को वृद्धाश्रमों और वरिष्ठ नागरिकों को मिल रही सुविधाओं की ताजा जानकारी देने का निर्देश दिया है। राज्यों को चार सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामला बुजुर्गों के अधिकारों और कल्याण से जुड़ा है।

नयी दिल्ली, सात सितंबर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे वृद्धाश्रमों की स्थापना और वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति के बारे में ताजा रिपोर्ट दाखिल करें।
न्यायालय 2016 में दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें बुजुर्गों के कल्याण एवं संरक्षण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने का अनुरोध किया गया है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने डॉ. अश्विनी कुमार की जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिका में प्रत्येक जिले में वृद्धाश्रम स्थापित करने, वरिष्ठ नागरिकों को पर्याप्त पेंशन देने और उनके लिए वृद्धावस्था चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने संबंधी निर्देशों को लागू करने का अनुरोध किया गया है।
सुनवाई के दौरान स्वयं अपना पक्ष रख रहे कुमार ने पीठ से मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों बुजुर्गों के अधिकारों एवं कल्याण से जुड़ा यह मामला वर्षों से लंबित है और न्यायालय द्वारा समय-समय पर निर्देश दिए जाने के बावजूद इस पर लंबे समय से सुनवाई नहीं हुई है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उच्चतम न्यायालय व्यापक सिद्धांत तय कर सकता है और उच्च न्यायालयों से उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा जा सकता है। केंद्र ने मामले को संबंधित उच्च न्यायालयों में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया लेकिन पीठ ने पहले सभी राज्यों से वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में अद्यतन जानकारी मांगने का फैसला किया।
पीठ ने कहा, ''अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी सभी राज्यों के महाधिवक्ताओं को पत्र भेजकर उनसे वृद्धाश्रमों की स्थापना और उनमें उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सुविधाओं की स्थिति संबंधी ताजा रिपोर्ट दाखिल करने को कहें।''
पीठ ने कहा कि सभी राज्य अपने महाधिवक्ताओं को पत्र मिलने की तारीख से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दाखिल करें। यह जनहित याचिका 2016 से उच्चतम न्यायालय में लंबित है और इसमें बुजुर्गों के लिए वैधानिक एवं संवैधानिक सुरक्षा उपायों को लागू करने का मुद्दा उठाया गया है।