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भारत का बैटरी उद्योग 2030 तक पैदा कर सकता है 15-20 लाख रोजगार, कुशल पेशेवरों की बढ़ेगी मांग

भारत का बैटरी उद्योग 2030 तक पैदा कर सकता है 15-20 लाख रोजगार, कुशल पेशेवरों की बढ़ेगी मांग
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Naresh Kumar

Sep 07, 2026

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एडेको इंडिया के अनुसार, भारत का बैटरी उद्योग 2030 तक 15-20 लाख रोजगार पैदा कर सकता है। सेल निर्माण से पुनर्चक्रण तक विस्तार के साथ नियुक्तियां सालाना 25-30 प्रतिशत बढ़ने और कुशल पेशेवरों की मांग तेज होने की उम्मीद है।

एडेको इंडिया के अनुसार, भारत का बैटरी उद्योग 2030 तक 15-20 लाख रोजगार पैदा कर सकता है। सेल निर्माण से पुनर्चक्रण तक विस्तार के साथ नियुक्तियां सालाना 25-30 प्रतिशत बढ़ने और कुशल पेशेवरों की मांग तेज होने की उम्मीद है।

 
मुंबई, सात सितंबर देश का बैटरी उद्योग 2029-30 तक 15-20 लाख रोजगार पैदा कर सकता है। प्रतिभा समाधान कंपनी एडेको इंडिया ने यह अनुमान जताया है।
 
एडेको के अनुसार, उद्योग अब पूंजी और रोजगार के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है और आयात-निर्भर असेंबली क्षेत्र से आगे बढ़कर सेल निर्माण से लेकर बैटरी पुनर्चक्रण तक एकीकृत औद्योगिक तंत्र का रूप ले रहा है।
 
एडेको इंडिया के निदेशक एवं जनरल स्टाफिंग प्रमुख दीपेश गुप्ता ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भारत का बैटरी उद्योग लिथियम-आयन सेल के आयात और उनकी असेंबली से आगे बढ़कर देश में बैटरी निर्माण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सेल से लेकर पूरी बैटरी और पुनर्चक्रण तक की गतिविधियां शामिल हैं।
 
एडेको इंडिया के अनुसार, 2030 तक इस क्षेत्र में 15-20 लाख रोजगार पैदा हो सकते हैं। इनमें करीब 25 प्रतिशत प्रत्यक्ष और 75 प्रतिशत अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे। इस क्षेत्र में नियुक्तियां हर साल 25-30 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।
 
एडेको इंडिया के मुताबिक, आने वाले समय में भर्ती का रुख अधिक कुशल पेशेवरों की ओर होगा। इनमें विद्युत-रसायन, पदार्थ विज्ञान, बैटरी इंजीनियरिंग, विनिर्माण और पुनर्चक्रण के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
 
गुप्ता ने कहा, ''वर्तमान में बैटरी विनिर्माण क्षमता करीब 60 गीगावाट घंटा है और 2026 के अंत तक इसके करीब 100 गीगावाट घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है। गुजरात, कर्नाटक, हरियाणा और तेलंगाना में प्रस्तावित गीगाफैक्टरी निवेश के साथ यह क्षेत्र असेंबली से आगे बढ़कर पूर्ण औद्योगिक तंत्र तैयार कर रहा है।''

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