Nabh Chhor
Global

सऊदी तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला, कई हफ्तों तक संकट

सऊदी तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला, कई हफ्तों तक संकट
N

Naresh Kumar

Sep 15, 2026

68 Views
ड्रोन हमले से सऊदी की प्रमुख तेल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई, मरम्मत में तीन से पांच सप्ताह लगने से आपूर्ति प्रभावित होगी।

ड्रोन हमले से सऊदी की प्रमुख तेल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई, मरम्मत में तीन से पांच सप्ताह लगने से आपूर्ति प्रभावित होगी।

 
ड्रोन हमले से क्षतिग्रस्त सऊदी की पाइपलाइन रह सकती है कई हफ्तों तक बंद, तेल आपूर्ति होगी प्रभावित काहिरा, सऊदी अरब की एक महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले के बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत को लेकर यह पाइपलाइन कई हफ्तों तक लगभग बंद रहेगी। क्षेत्र के दो अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
 
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के समुद्री मार्गों के पास और द्वीपों पर कब्जा कर लिया है, जिससे सऊदी अरब के तेल निर्यात को एक और झटका लगा है। दुनिया भर में पेट्रोलियम की आपूर्ति और नयी घटनाओं के कारण उपजे अंतरराष्ट्रीय तेल संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच तेल की कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
 
इस बीच ईरान के साथ तनाव के कारण सऊदी अरब ने अपना निर्यात फारस की खाड़ी से हटाकर दूसरी तरफ कर दिया है क्योंकि ईरान के हमलों के कारण खाड़ी से बाहर निकलने वाले एकमात्र मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है।
 
सऊदी अरब देश में 1,200 किलोमीटर तक फैली अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के माध्यम से ही तेल की आपूर्ति कर रहा था। यह पाइपलाइन खाड़ी के बंदरगाहों से उसके कच्चे तेल को लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाती है। लेकिन बृहस्पतिवार के हमले के बाद अधिकारियों को पाइपलाइन बंद करनी पड़ी। सऊदी अरब ने इस हमले के लिए इरान समर्थित इराकी मिलिशिया के ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया है।
 
मामले से अवगत अधिकारियों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर 'द एसोसिएटेड प्रेस' (एपी) को बताया कि एक प्रमुख पंपिंग केंद्र समेत पाइपलाइन को हुए नुकसान की मरम्मत में तीन से पांच सप्ताह लग सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा कि मरम्मत के दौरान पाइपलाइन आंशिक रूप से काम कर सकती है, लेकिन वे यह नहीं बता सके कि इसके जरिए कितना तेल भेजा जा सकेगा।
 
नॉर्वे की शोध फर्म 'रिस्टैड एनर्जी' के सोमवार को जारी विश्लेषण के अनुसार, अगस्त के अंत से पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन औसतन 26 लाख से 40 लाख बैरल तेल भेजा जा रहा था। यदि पाइपलाइन से तेल की आपूर्ति पूरी तरह रुक जाती है तो इतनी मात्रा में तेल बाजार में नहीं पहुंच पाएगा।
 
कंपनी ने कहा कि ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत बढ़कर 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पहुंचना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बाजार में आपूर्ति में बड़ी कमी की आशंका बढ़ रही है।पाइपलाइन का संचालन करने वाली सऊदी अरब की तेल कंपनी 'अरामको' ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

 

Related Stories

ई-पेपर