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पाकिस्तान में पूर्व CM सोहेल अफरीदी की कथित हिरासत पर हाईकोर्ट सख्त

पाकिस्तान में पूर्व CM सोहेल अफरीदी की कथित हिरासत पर हाईकोर्ट सख्त
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Naresh Kumar

Oct 20, 2026

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पाकिस्तान के पेशावर हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती की कथित अवैध हिरासत के मामले में संबंधित पक्षों से 10 दिन में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

पाकिस्तान के पेशावर हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती की कथित अवैध हिरासत के मामले में संबंधित पक्षों से 10 दिन में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

पेशावर। पाकिस्तान के पेशावर उच्च न्यायालय ने खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी और प्रांतीय विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाती को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने के मामले में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मंगलवार को सभी संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

अफरीदी का पता लगाने के लिए दायर हुई थी याचिका

यह घटनाक्रम उस याचिका के करीब एक सप्ताह बाद सामने आया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी का तत्काल पता लगाने और उनके ठिकाने की जानकारी देने की मांग की गई थी।

जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कई नेताओं को 11 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। यह कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के बीच आपातकाल लागू किए जाने के तुरंत बाद हुई थी।

अदालत ने 10 दिन में जवाब देने का दिया निर्देश

न्यायमूर्ति अरशद अली और न्यायमूर्ति फराह जमशेद की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई की। पीठ ने संबंधित पक्षों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की।

पूर्व मुख्यमंत्री के भाई मुहम्मद आमिर की ओर से दायर याचिका में अदालत से मामले का तत्काल संज्ञान लेने और अफरीदी को सुरक्षित बरामद करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

हथियारबंद और नकाबपोश लोगों पर अपहरण का आरोप

याचिका में दावा किया गया है कि पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ) की मौजूदगी में हथियारबंद और नकाबपोश लोगों ने सोहेल अफरीदी का कथित तौर पर अपहरण कर लिया था।

याचिकाकर्ता ने इसे संविधान, कानून और मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। याचिका में यह भी आशंका जताई गई है कि अफरीदी के जीवन और स्वतंत्रता को खतरा हो सकता है।

याचिकाकर्ता ने अदालत से अफरीदी के मौजूदा ठिकाने, उन्हें हिरासत में रखने वालों की पहचान और हिरासत के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कानूनी आधार की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। याचिका में पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 4, 9, 10 और 14 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है।

हालांकि, ये आरोप याचिका में लगाए गए दावे हैं। अदालत में इनकी पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब आना अभी बाकी है।

आपातकाल की घोषणा को भी अदालत में चुनौती

इस बीच, पीटीआई अध्यक्ष बैरिस्टर गौहर अली खान ने सोमवार को पेशावर उच्च न्यायालय में एक अलग याचिका दायर की। इसमें प्रांतीय विधानसभा के प्रस्ताव के बिना आपातकाल घोषित किए जाने को संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है।

याचिका के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संविधान के अनुच्छेद 232(1) के तहत आपातकाल की घोषणा की थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि किसी प्रांत में आपातकाल लागू करने के लिए प्रांतीय विधानसभा का प्रस्ताव आवश्यक है।

30 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

सोहेल अफरीदी की कथित हिरासत और आपातकाल की घोषणा से जुड़े मामलों पर अब अदालत में आगे सुनवाई होगी। हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है।

30 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले से जुड़े दावों, हिरासत के कानूनी आधार और आपातकाल की संवैधानिक वैधता से जुड़े सवालों पर आगे की कार्यवाही होने की उम्मीद है।

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