Telegram Ban India : 15 करोड़ यूजर्स पर असर! Telegram बैन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची कंपनी
Naresh Kumar
Jun 17, 2026
Telegram Ban India : NEET-UG री-एग्जाम 2026 से पहले केंद्र सरकार द्वारा Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देते हुए कंपनी दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची है। 15 करोड़ यूजर्स पर असर और भेदभाव के आरोपों के बीच आज बड़ा फैसला आ सकता है।
नई दिल्ली | NEET-UG री-एग्जाम 2026 से पहले केंद्र सरकार द्वारा Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां आज अवकाशकालीन पीठ इस मामले पर तत्काल सुनवाई के लिए सहमत हो गई है।
आखिर Telegram पर बैन क्यों लगाया गया?
केंद्र सरकार का मानना है कि 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले कुछ संगठित नकल गिरोह Telegram चैनलों का इस्तेमाल कर फर्जी प्रश्नपत्र और पेपर लीक से जुड़ी सामग्री फैलाकर अभ्यर्थियों को ठग सकते हैं।
इसी आशंका के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत Telegram पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। साथ ही 30 जून तक मैसेज एडिटिंग फीचर बंद रखने का निर्देश भी दिया गया है।
Telegram की बड़ी दलील
Telegram की ओर से अदालत में कहा गया है कि इस फैसले से भारत के 15 करोड़ से अधिक यूजर्स प्रभावित हो रहे हैं। कंपनी का तर्क है कि केवल Telegram को निशाना बनाया गया है, जबकि अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
क्या आज मिलेगा बड़ा फैसला?
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस तेजस ककारिया दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतरिम आदेश जारी कर सकते हैं। ऐसे में लाखों छात्रों, अभिभावकों और करोड़ों Telegram यूजर्स की नजर आज की सुनवाई पर टिकी हुई है।
सस्पेंस बरकरार
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हाईकोर्ट Telegram को राहत देगा या फिर केंद्र सरकार का फैसला बरकरार रहेगा? क्या परीक्षा सुरक्षा के नाम पर लगाया गया प्रतिबंध उचित माना जाएगा या फिर इसे यूजर्स के अधिकारों पर असर डालने वाला कदम माना जाएगा?
आज की सुनवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।
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