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राजौरी में बीमार किशोरी की मौत, कीचड़ में 3 घंटे फंसी रही गाड़ी

राजौरी में बीमार किशोरी की मौत, कीचड़ में 3 घंटे फंसी रही गाड़ी
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Naresh Kumar

Aug 08, 2026

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बीमार 17 वर्षीय किशोरी को अस्पताल ले जा रही गाड़ी सड़क पर कीचड़ और भूस्खलन के कारण करीब तीन घंटे फंसी रही। हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचने से पहले किशोरी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित अधिकारी को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बीमार 17 वर्षीय किशोरी को अस्पताल ले जा रही गाड़ी सड़क पर कीचड़ और भूस्खलन के कारण करीब तीन घंटे फंसी रही। हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचने से पहले किशोरी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित अधिकारी को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं।

 

 
जम्मू-कश्मीर: राजौरी में बीमार किशोरी को ले जा रही गाड़ी कीचड़ में फंसी, रास्ते में दम तोड़ा राजौरी/जम्मू, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बीमार किशोरी ले जा रही गाड़ी सड़क पर घंटों तक कीचड़ में फंसी रही और इस दौरान हालत बिगड़ने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद जिला प्रशासन ने एक सरकारी अधिकारी को निलंबित कर दिया और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
 
हाल के दिनों में क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क की देखरेख के लिए जिम्मेदार अधिकारी ने कथित तौर पर प्रशासन को सूचित किया था कि सड़क बहाल कर दी गई है तथा आवागमन के लिए खुली है।
 
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को दूरस्थ गांव मेथ्यानी निवासी 17 वर्षीय एक किशोरी गंभीर रूप से बीमार हो गई। उसे राजौरी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, तभी चक मेथ्यानी के पास उसका वाहन लगभग तीन घंटे तक कीचड़ में फंसा रहा। कड़ी मशक्कत के बाद स्वयंसेवियों ने वाहन को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल ले जाते समय किशोरी की हालत बिगड़ गई और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
 
क्षेत्र के दूरदराज के कई गांवों को जोड़ने वाला एकमात्र चक मेथ्यानी-पंगलर-कोटचरवाल मार्ग पिछले वर्ष मानसून के दौरान मेथ्यानी के पास बह गया था। बाद में इसकी अस्थायी रूप से मरम्मत कर इसे बहाल किया गया था। करीब दो सप्ताह पहले इसी हिस्से में फिर भूस्खलन हुआ, जिससे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी यह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।
 
किशोरी की मौत की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों पर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत करने में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। 
 
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला और गरमा गया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए राजौरी जिला प्रशासन ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि पीएमजीएसवाई के राजौरी संभाग के कार्यकारी अभियंता ने एक आधिकारिक व्हॉट्सऐप समूह के माध्यम से प्रशासन को सूचित किया था कि सड़क बहाल कर दी गई है और यातायात के लिए खुली है।
 
हालांकि, कोटरंका के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) द्वारा कराए गए सत्यापन में स्थिति इससे अलग पाई गई। एडीसी की रिपोर्ट के अनुसार, किशोरी करीब एक महीने से बीमार थी और इससे पहले उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जम्मू में भर्ती कराया गया था। करीब दो सप्ताह पहले उसे अस्पताल से छुट्टी मिली थी, लेकिन उसकी हालत फिर बिगड़ गई जिसके बाद परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे।
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क अवरुद्ध होने के कारण अस्पताल पहुंचने में करीब दो से तीन घंटे की देरी हुई। एडीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भूस्खलन और गहरे गड्ढों के कारण सड़क की हालत बेहद खराब है और यह वाहनों के आवागमन के लिए उपयुक्त नहीं है। 
 
रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए राजौरी के जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) अभिषेक शर्मा ने जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने पीएमजीएसवाई के कालाकोट उपमंडल के सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) तथा चक मेथ्यानी-पंगलर-कोटचरवाल सड़क परियोजना के प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कोटरंका के एडीसी को कार्यालय में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। आदेश में कहा गया है कि स्पष्टीकरण पर निर्णय होने तक कार्यपालक अभियंता का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
 
 
 

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