Petrol Export Tax : सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल निर्यात पर पहली बार ₹3/L टैक्स, डीजल-ATF पर राहत
Naresh Kumar
May 16, 2026
Petrol Export Tax : वैश्विक तेल संकट और पश्चिम एशिया तनाव के बीच केंद्र का बड़ा कदम, घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी
वैश्विक तेल संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स (SAED) में बड़ा बदलाव किया है। 16 मई 2026 से लागू नई व्यवस्था के तहत सरकार ने पहली बार पेट्रोल के निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर का टैक्स लगा दिया है, जबकि डीजल और विमान ईंधन (ATF) के निर्यात शुल्क में भारी कटौती की गई है।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, इस फैसले का असर केवल निर्यात होने वाले ईंधन पर पड़ेगा। घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
नई टैक्स दरें :
- पेट्रोल निर्यात पर पहली बार ₹3 प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स लागू
- डीजल निर्यात शुल्क ₹23 से घटाकर ₹16.5 प्रति लीटर किया गया
- ATF निर्यात शुल्क ₹33 से घटाकर ₹16 प्रति लीटर किया गया
- पेट्रोल और डीजल पर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शून्य रखा गया
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ऐसे में भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां विदेशों में निर्यात कर अधिक मुनाफा कमा रही थीं। सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने और संभावित शॉर्टेज रोकने के लिए यह कदम उठाया है।
आम जनता पर क्या असर होगा?
सरकार ने साफ किया है कि यह टैक्स केवल एक्सपोर्ट किए जाने वाले ईंधन पर लगाया गया है। देश के पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर कोई अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ाई गई है, इसलिए फिलहाल तेल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।