Lohagad Fort History: केतन हत्याकांड के बाद चर्चा में आया 2000 साल पुराना लोहागढ़ किला, जानिए इसका पूरा इतिहास
Naresh Kumar
Jun 27, 2026
Lohagad Fort History: महाराष्ट्र का 2000 साल पुराना लोहागढ़ किला एक बार फिर चर्चा में है। जानिए इसका इतिहास, ट्रेक, निर्माण और ऐतिहासिक महत्व।

- लोहागढ़ किला करीब 2000 साल पुराना ऐतिहासिक दुर्ग माना जाता है।
- महाराष्ट्र के पुणे जिले के पास समुद्र तल से लगभग 3,389 फीट की ऊंचाई पर स्थित।
- हाल की घटना के बाद किले का नाम फिर सुर्खियों में आया।
- यह किला अपने मजबूत निर्माण, ऊंची दीवारों और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
- हर साल हजारों पर्यटक और ट्रेकर्स यहां पहुंचते हैं।
Lohagad Fort History एक बार फिर चर्चा में है। हाल की एक चर्चित घटना के बाद महाराष्ट्र का यह ऐतिहासिक किला लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बन गया है। लगभग 2,000 वर्ष पुराने इस किले को भारत के सबसे मजबूत पहाड़ी किलों में गिना जाता है। इसकी ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और कठिन ट्रेक इसे पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाते हैं।
लोहागढ़ किला कहां स्थित है?
लोहागढ़ किला महाराष्ट्र के पुणे जिले के लोनावला (Lonavala) के पास स्थित है। यह समुद्र तल से लगभग 3,389 फीट (1,033 मीटर) की ऊंचाई पर बना हुआ है। चारों ओर पहाड़, हरियाली और गहरी खाइयों से घिरा यह किला प्राकृतिक रूप से भी काफी सुरक्षित माना जाता है।
2000 साल पुराना इतिहास
इतिहासकारों के अनुसार Lohagad Fort History की शुरुआत प्राचीन काल से मानी जाती है। बाद में इस किले पर सातवाहन, चालुक्य, राष्ट्रकूट, यादव, बहमनी, निजामशाही, मुगल और मराठा शासन का प्रभाव रहा।
मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी इस किले का उपयोग रणनीतिक दृष्टि से किया था। इसकी मजबूत दीवारों के कारण इसे "लोहागढ़" यानी "लोहे जैसा मजबूत किला" कहा जाता है।
अंग्रेजों के दौर में भी रहा महत्वपूर्ण
ब्रिटिश शासन के दौरान भी इस किले का रणनीतिक महत्व बना रहा। इतिहास में उल्लेख मिलता है कि स्वतंत्रता सेनानियों और राजनीतिक बंदियों को यहां रखा गया था। हालांकि विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों में इस संबंध में अलग-अलग विवरण मिलते हैं।
ट्रेकिंग और पर्यटन का बड़ा केंद्र
आज Lohagad Fort महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय ट्रेकिंग डेस्टिनेशन में शामिल है। खासकर मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। किले तक पहुंचने के लिए लगभग 2 से 3 घंटे का ट्रेक करना पड़ता है।
हाल की घटना के बाद क्यों चर्चा में?
हाल ही में सामने आए एक चर्चित आपराधिक मामले के बाद यह किला फिर से सुर्खियों में आ गया है। हालांकि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और किले का ऐतिहासिक महत्व इस घटना से अलग है।