HAU Scientists : HAU के वैज्ञानिकों ने स्ट्रॉबेरी की नई विल्ट बीमारी का लगाया पता, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता
Naresh Kumar
Jun 01, 2026
HAU Scientists : भारत में पहली बार स्ट्रॉबेरी फसल में खतरनाक फ्यूजेरियम प्रोलिफेरेटम रोगजनक की पहचान, बीमारी के नियंत्रण पर शुरू हुआ शोध
हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के वैज्ञानिकों ने स्ट्रॉबेरी फसल में होने वाली खतरनाक विल्ट बीमारी के नए रोगजनक फ्यूजेरियम प्रोलिफेरेटम की पहचान की है। भारत में पहली बार इस रोगजनक को स्ट्रॉबेरी के विल्ट रोग का कारण पाया गया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने बताया कि इस खोज के बाद वैज्ञानिकों ने बीमारी के प्रभावी प्रबंधन के लिए काम शुरू कर दिया है। प्रयोगशाला स्तर पर फफूंदनाशकों और बायो-एजेंट्स का परीक्षण किया जा चुका है तथा आगामी सीजन में खेतों में इनके ट्रायल किए जाएंगे।
कुलपति ने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में नई बीमारियों की समय पर पहचान किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने वैज्ञानिकों को बीमारी की निगरानी और इसके नियंत्रण के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
एचएयू के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने बताया कि इस शोध को अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन संस्था Elsevier के प्रतिष्ठित जर्नल Physiological and Molecular Plant Pathology ने प्रकाशन के लिए स्वीकार किया है। इससे इस बीमारी को वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक मान्यता मिली है।
मुख्य शोधकर्ता डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक बीमारी के प्रसार और उसके प्रभाव को कम करने के उपायों पर काम कर रहे हैं ताकि स्ट्रॉबेरी उत्पादन को सुरक्षित रखा जा सके।
इस शोध में एचएयू के वैज्ञानिक अनिल कुमार सैनी, रूमी रावल, राकेश कुमार, के.सी. राजेश कुमार, सुशील शर्मा, विकास कुमार शर्मा, योगेश कुमार, आर.पी.एस. दलाल, प्रिंस, इंदु अरोड़ा, राकेश गहलोत तथा पीएचडी छात्र शुभम सैनी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।