Child Care : बच्चा डर की वजह से पीछे हट रहा है? जानिए ऐसे समय में माता-पिता को क्या करना चाहिए
Naresh Kumar
Jun 03, 2026
Child Care : जबरदस्ती नहीं, समझदारी और सहयोग से बढ़ाएं बच्चों का आत्मविश्वास; विशेषज्ञों ने दिए आसान और प्रभावी सुझाव
कई बार बच्चे स्कूल के खेल दिवस, भाषण प्रतियोगिता, स्टेज पर प्रदर्शन या किसी नई गतिविधि के नाम से ही घबरा जाते हैं। कुछ बच्चे डर के कारण हिस्सा लेने से मना कर देते हैं। ऐसे में माता-पिता अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं कि बच्चे को मजबूर करें या उसकी बात मान लें।

विशेषज्ञों के अनुसार सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बच्चा आखिर किस बात से डर रहा है। क्या उसे असफल होने का डर है, लोगों के सामने बोलने में झिझक है या फिर मजाक उड़ाए जाने की चिंता है। बच्चे की बात ध्यान से सुनें और उसकी भावनाओं को गंभीरता से लें।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चे को यह महसूस कराना जरूरी है कि डरना सामान्य बात है। उसकी चिंता को नजरअंदाज करने के बजाय उसे भरोसा दें कि आप उसके साथ हैं। इसके बाद छोटे-छोटे कदमों के जरिए उसे चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करें।
विशेषज्ञ मानते हैं कि हर बार जीतना जरूरी नहीं है। बच्चों को यह सिखाना अधिक महत्वपूर्ण है कि कोशिश करना, सीखना और कठिन परिस्थितियों में डटे रहना ही असली सफलता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर पाते हैं।
मुख्य बातें
🔹 बच्चे से शांत माहौल में बात करें और जानें कि वह किस बात से डर रहा है।
🔹 उसकी भावनाओं को गंभीरता से लें, तुरंत "सब ठीक हो जाएगा" कहकर टालें नहीं।
🔹 डर के बावजूद बच्चे को जबरदस्ती किसी गतिविधि में न धकेलें।
🔹 छोटे और आसान लक्ष्यों के जरिए उसे धीरे-धीरे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।
🔹 कार्यक्रम वाले दिन बच्चे को भरोसा दें कि आप उसके साथ हैं।
🔹 बच्चों को जीतने से ज्यादा कोशिश करने और भागीदारी का महत्व समझाएं।
🔹 दूसरे बच्चों से तुलना करने के बजाय उसकी अपनी प्रगति पर ध्यान दें।
🔹 यदि बच्चा लगातार हर गतिविधि से बचने लगे या अत्यधिक चिंता महसूस करे तो विशेषज्ञ की सलाह लें।