Nabh Chhor
Viral

अजंता गुफाओं में रिसाव रोकने के लिए रखी गईं बाल्टियां, ASI ने कहा- मूर्तियां और चित्र सुरक्षित

अजंता गुफाओं में रिसाव रोकने के लिए रखी गईं बाल्टियां, ASI ने कहा- मूर्तियां और चित्र सुरक्षित
N

Naresh Kumar

Aug 11, 2026

74 Views
महाराष्ट्र की विश्व प्रसिद्ध अजंता गुफाओं में भारी बारिश के दौरान चट्टानों से पानी रिसने के बाद बाल्टियां रखी गईं। वीडियो वायरल होने पर ASI ने स्पष्ट किया कि गुफाओं में मौजूद प्राचीन मूर्तियों और चित्रों को कोई खतरा नहीं है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जल निकासी व्यवस्था भी लगातार संभाली जा रही है।

महाराष्ट्र की विश्व प्रसिद्ध अजंता गुफाओं में भारी बारिश के दौरान चट्टानों से पानी रिसने के बाद बाल्टियां रखी गईं। वीडियो वायरल होने पर ASI ने स्पष्ट किया कि गुफाओं में मौजूद प्राचीन मूर्तियों और चित्रों को कोई खतरा नहीं है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जल निकासी व्यवस्था भी लगातार संभाली जा रही है।

 
 
अजंता गुफाओं में रिसाव रोकने के लिए रखी गईं बाल्टियां; एएसआई ने कहा- मूर्तियां सुरक्षित
छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध अजंता गुफाओं की छत से रिस रहे पानी को जमा करने के लिए बाल्टियां रखे जाने का एक वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने स्पष्ट किया कि गुफाओं के अंदर मौजूद मूर्तियों को कोई खतरा नहीं है।
 
यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल अजंता गुफाओं में भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी चित्रकारी और मूर्तियां मौजूद हैं। गुफाओं के कुछ हिस्सों में पानी के रिसाव की बात सामने आई है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने टपकते पानी को जमा करने के लिए बाल्टियां रखी हैं। इसका एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
 
एएसआई की उपाधीक्षक डॉ. शिल्पा जामगड़े ने संवाददाताओं को बताया कि भारी बारिश के दौरान यह समस्या सामने आती है।
 
उन्होंने कहा, "अजंता की गुफाएं चट्टानों को काटकर बनाई गई हैं। भारी बारिश होने पर चट्टानों के अंदर बने छिद्रों से पानी नीचे आता है। एहतियात के तौर पर हमें वहां बाल्टियां रखनी पड़ती हैं, ताकि पर्यटक फिसलें नहीं। फिलहाल इसकी वजह से गुफाओं में मौजूद चित्रों को कोई खतरा नहीं है।"
 
उन्होंने कहा, "हमने गुफाओं के ऊपर जल निकासी की व्यवस्था भी की है, जिसकी समय-समय पर सफाई की जाती है, ताकि पानी चट्टानों के अंदर बने छिद्रों में प्रवेश न कर सके।"

 

Related Stories

ई-पेपर