सबरीमला मंदिर के 11 हजार लीटर घी में हेराफेरी, ठेकेदार गिरफ्तार
Naresh Kumar
Oct 24, 2026
केरल के सबरीमला मंदिर के लिए भेजे गए मिल्मा ब्रांड के 11 हजार लीटर घी की कथित हेराफेरी के मामले में परिवहन ठेकेदार गिरफ्तार हुआ है। सतर्कता ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड को करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। जांच जारी है।

तिरुवनंतपुरम, 24 अक्टूबर। केरल में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने सबरीमला मंदिर के लिए भेजे गए मिल्मा ब्रांड के 11,000 लीटर घी की कथित हेराफेरी के मामले में एक परिवहन ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, असली घी की जगह सस्ता घी मंदिर पहुंचाए जाने से त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) को करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एस. एस. बीनू के रूप में हुई है। उसे वर्ष 2025 के तीर्थयात्रा सत्र के दौरान सबरीमला मंदिर तक घी पहुंचाने का ठेका दिया गया था। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है।
पूछताछ के बाद परिवहन ठेकेदार गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि वीएसीबी की विशेष जांच इकाई इस मामले की जांच कर रही है। केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमला मंदिर के लिए घी की खरीद और उसकी गुणवत्ता से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए थे।
जांच के सिलसिले में वीएसीबी ने बीनू को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मिल्मा, केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (केसीएमएमएफ) का ब्रांड है। सबरीमला मंदिर में भगवान अयप्पा को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद ‘अरवना पायसम’ को तैयार करने के लिए इसी ब्रांड का घी खरीदा गया था।
असली घी की जगह सस्ता घी भेजने का आरोप
वीएसीबी के अनुसार, त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड ने पत्तनमथिट्टा स्थित मिल्मा डेयरी से सीधे घी की आपूर्ति का ठेका दिया था। इसके लिए निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी। बाद में घी को मंदिर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी परिवहन ठेकेदार एस. एस. बीनू को सौंपी गई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सबरीमला मंदिर के लिए भेजे गए असली घी को तमिलनाडु की दो एजेंसियों तक पहुंचा दिया गया, जबकि उसकी जगह मंदिर में सस्ता घी भेजा गया।
अधिकारियों को संदेह है कि कथित हेराफेरी के लिए फर्जी बिल और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, असली घी की खेप तमिलनाडु के ओट्टनचथिरम स्थित ‘श्री वेंकटेश्वर ट्रेडर्स’ और ‘लियो ट्रेडर्स’ को भेजी गई थी।
टीडीबी को 2.5 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
वीएसीबी के अनुसार, असली घी की कथित हेराफेरी और उसकी जगह सस्ता घी भेजे जाने से त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड को करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ हो सकता है। हालांकि, नुकसान की अंतिम राशि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घी का इस्तेमाल सबरीमला मंदिर के प्रमुख प्रसाद ‘अरवना पायसम’ को तैयार करने में किया जाता है। यह मिठाई लाल चावल, गुड़ और घी से बनाई जाती है।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच जारी
केरल उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद वीएसीबी की विशेष जांच इकाई खरीद, गुणवत्ता और परिवहन से जुड़ी कथित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है।
एस. एस. बीनू की गिरफ्तारी इस मामले में पहली कार्रवाई है। जांच एजेंसी अब कथित हेराफेरी, दस्तावेजों और घी की आपूर्ति से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।