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झोटा हत्याकांड पर पंजाब विधानसभा में हंगामा, CM भगवंत मान के इस्तीफे की मांग

झोटा हत्याकांड पर पंजाब विधानसभा में हंगामा, CM भगवंत मान के इस्तीफे की मांग
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Naresh Kumar

Oct 23, 2026

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पंजाब विधानसभा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बाद कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया।

पंजाब विधानसभा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बाद कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया।

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और बाद में कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस का विरोध

विधानसभा के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने झोटा की हत्या का मुद्दा उठाया। विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने उनसे प्रश्नकाल शुरू होने देने की अपील की, लेकिन विपक्षी विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

काले स्कार्फ पहने कांग्रेस विधायक सदन के बीचोंबीच पहुंच गए। उन्होंने कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए एक ‘लानत पत्र’ भी दिखाया और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक

कांग्रेस के विरोध के जवाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

चीमा ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के शिरोमणि अकाली दल से पुराने जुड़ाव की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में अकाली दल के शासन के दौरान ही ‘चिट्टा’ यानी मिलावटी हेरोइन का प्रसार हुआ था।

हंगामे के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा एक-दूसरे की ओर उंगली उठाते दिखाई दिए। परगट सिंह ने सत्तारूढ़ विधायकों से कांग्रेस का ‘लानत पत्र’ स्वीकार करने को कहा।

विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहा। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।

13 अक्टूबर को दवा की दुकान में हुई थी झोटा की हत्या

नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा मादक पदार्थों के दुरुपयोग और दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे।

13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा की दुकान के अंदर उन्हें दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। घटना के समय झोटा फेसबुक लाइव कर रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, दवा की दुकान के मालिक अश्वनी कुमार ने कथित तौर पर झोटा द्वारा एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचे जाने पर सवाल उठाने के बाद उन पर गोली चलाई थी। आरोपी को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।

हत्या के बाद पंजाब में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

झोटा की हत्या ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर राजनीतिक विवाद को तेज कर दिया है। विधानसभा में कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।

राज्य में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और झोटा हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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