Nabh Chhor
Haryana

नवजात शिशुओं की जान बचाने को हरियाणा सरकार ने उठाया ये खास कदम, जानें पूरा मामला

नवजात शिशुओं की जान बचाने को हरियाणा सरकार ने उठाया ये खास कदम, जानें पूरा मामला
N

Naresh Kumar

Nov 05, 2026

8 Views
हरियाणा सरकार ने नवजात शिशुओं के इलाज के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए 7 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। हरियाणा सरकार के फैसले के बारे में खबर में विस्तार से बात करते हैं।

नवजात शिशुओं को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने विशेष कदम उठाया है। हरियाणा सरकार ने जल्द 19 नए नवजात वेंटिलेटर लगवाने का फैसला लिया है। इसके लिए 7 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बता दें कि फिलहाल राज्य में विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयों (SNCU) में 54 नवजात वेंटिलेटर उपलब्ध हैं।

19 नए वेंटिलेटर आने के बाद गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नवजात शिशुओं को जल्द मदद मिल सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार उपचार के दौरान उपयुक्त चिकित्सा परिस्थितियों में बच्चे के साथ मां को ठहरने की सुविधा भी दी जाएगी।

बच्चे को मिलेगा मां का साथ

हरियाणा सरकार ने विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयों (SNCU) को एकीकृत मातृ-नवजात शिशु देखभाल इकाइयों (MNCU) के तौर पर डेवलप करने का निर्णय लिया है। सरकार का प्रयास है कि अस्पतालों में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हर शिशु को बेहतरीन इलाज मिले। अगर बच्चे के साथ अस्पताल में मां रहेगी, तो उसे स्तनपान और देखभाल जैसे कामों में भी मदद मिलेगी।

किन बच्चों के लिए योजना कारगर?

हरियाणा सरकार ने यह पहल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 'जीरो सेपरेशन' सिद्धांत को देखते हुए शुरू की है। इस सिद्धांत का उद्देश्य परिस्थितियों के अनुकूल होने पर मां और बच्चे को साथ रखना है। यह सिद्धांत उन बच्चों के लिए कारगर होता है, जो समय से पहले जन्म या कम वजन वाले शिशु होते हैं।

माताओं को यह लाभ भी

गौरतलब है कि ऐसे बच्चे लंबे समय तक चिकित्सकीय निगरानी में अस्पताल में भर्ती करने पड़ते हैं। मां साथ रहेगी, तो बच्चे को दूध पिलाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा माताओं को स्तनपान, नवजात की देखभाल, बीमारी की पहचान करने संबंधी आवश्यक और महत्वपूर्ण निर्देश भी डॉक्टरों से मिलेंगे। इससे माताओं में आत्मविश्वास बढ़ेगी और उनको बच्चों संबंधी किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Related Stories

ई-पेपर