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Haryana News: केंद्र की भाजपा की सरकार समय-समय पर राज्य सरकारों के अधिकार छीनती रहती हैं: सुशील गुप्ता

Haryana News: केंद्र की भाजपा की सरकार समय-समय पर राज्य सरकारों के अधिकार छीनती रहती हैं: सुशील गुप्ता
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Naresh Kumar

Apr 15, 2026

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Haryana News: आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने केंद्र सरकार के इस फैसले की निंदा की और मोदी सरकार के तानाशाही रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड में हरियाणा और पंजाब के अलावा अन्य राज्यों के अफसर...

Haryana News: आम आदमी पार्टी हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने केंद्र सरकार के इस फैसले की निंदा की और मोदी सरकार के तानाशाही रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड में हरियाणा और पंजाब के अलावा अन्य राज्यों के अफसरों को भी बिजली एवं सिंचाई सदस्य बनाने का प्रावधान पूरी तरह से दोनों राज्यों के हितों के विरुद्ध है। यह फैसला न केवल हरियाणा-पंजाब के किसानों, सिंचाई और बिजली व्यवस्था पर सीधा आघात है, बल्कि BBMB के मूल उद्देश्य को भी कुचलने वाला है।

डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा,
“भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड की स्थापना मूल रूप से हरियाणा और पंजाब के बीच पानी, बिजली और सिंचाई संसाधनों के संतुलित वितरण के लिए हुई थी। केंद्र सरकार ने अब इस बोर्ड को ‘किसी भी राज्य’ के अधिकारियों के लिए खोलकर दोनों राज्यों को एक बड़ा झटका दिया है। और इस तानाशाही फैसले से दोनों राज्यों की स्वायत्तता पर आघात पहुंचाया है। हरियाणा और पंजाब भाई-भाई है। दोनों राज्यों के किसानों की सिंचाई पर निर्भरता, बिजली उत्पादन और पानी के बंटवारे पर दूसरे राज्यों का अनावश्यक हस्तक्षेप बढ़ेगा। यह फैसला स्पष्ट रूप से हरियाणा और पंजाब के हितों को कमजोर करने की साजिश है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह प्रावधान BBMB को एक स्वायत्त संस्था से केंद्र सरकार के कठपुतली बोर्ड में बदलने की दिशा में एक और कदम है। केंद्र की भाजपा की सरकार राज्यों की स्वायत्तता को खत्म करने हेतु समय-समय पर नए-नए कानून लाकर राज्य सरकारों के अधिकार छीनती रहती हैं। हरियाणा के लाखों किसान भाखड़ा-ब्यास परियोजना से मिलने वाले पानी और बिजली पर निर्भर हैं। अगर अन्य राज्यों के अधिकारी इसमें शामिल हो गए तो निर्णय लेने की प्रक्रिया में हरियाणा-पंजाब के हितों की अनदेखी होगी और दोनों राज्यों को नुकसान उठाना पड़ेगा।

डॉ. सुशील गुप्ता ने केंद्र सरकार से तुरंत मांग की है कि:
1. इस प्रावधान को तुरंत वापस लिया जाए।
2. BBMB में बिजली एवं सिंचाई सदस्य पद केवल हरियाणा और पंजाब के अधिकारियों के लिए ही आरक्षित रखे जाएं।
3. केंद्र सरकार जबरदस्ती थोपने के बजाय और दोनों राज्यों के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता करने से पहले हरियाणा और पंजाब सरकार को विश्वास में लेकर लिखित सहमति ली जाए।

आम आदमी पार्टी हरियाणा इस मुद्दे पर हर स्तर पर संघर्ष करेगी। हम किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और दोनों राज्यों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक आवाज उठाएंगे। केंद्र सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि हरियाणा और पंजाब के किसान अब किसी भी प्रकार की साजिश बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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