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Haryana News : हरियाणा से यूपी तक अलर्ट! लिंग जांच माफिया पर होने वाली है बड़ी कार्रवाई

Haryana News : हरियाणा से यूपी तक अलर्ट! लिंग जांच माफिया पर होने वाली है बड़ी कार्रवाई
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Naresh Kumar

Jun 16, 2026

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Haryana News : हरियाणा सरकार ने अवैध लिंग जांच के खिलाफ अभियान तेज करते हुए उत्तर प्रदेश से सहयोग मांगा है। PCPNDT एक्ट के तहत कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।

Haryana News : हरियाणा सरकार ने अवैध लिंग जांच के खिलाफ अभियान तेज करते हुए उत्तर प्रदेश से सहयोग मांगा है। PCPNDT एक्ट के तहत कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की तैयारी की जा रही है।

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने अवैध लिंग जांच और भ्रूण हत्या के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष सहयोग की मांग की है।

आखिर क्यों उठाया गया यह कदम?

हरियाणा में लंबे समय से अवैध लिंग जांच के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। कई मामलों में ऐसे नेटवर्क राज्य की सीमाओं से बाहर संचालित होते हैं, जिससे कार्रवाई में चुनौतियां आती हैं। अब सरकार पड़ोसी राज्यों के सहयोग से ऐसे गिरोहों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

यूपी सरकार से क्या मांगा गया?

डॉ. सुमिता मिश्रा ने उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया है कि हरियाणा से सटे जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। ताकि जब भी हरियाणा की PCPNDT टीमें कार्रवाई के लिए वहां पहुंचें, उन्हें तत्काल प्रशासनिक और पुलिस सहायता मिल सके।

लिंग जांच माफिया पर होगी सख्त निगरानी

सरकार का मानना है कि अंतर्राज्यीय सहयोग बढ़ने से अवैध लिंग जांच करने वाले नेटवर्क की पहचान करना और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना आसान होगा। इससे बेटियों की सुरक्षा और लिंगानुपात सुधारने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

PCPNDT एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

हरियाणा सरकार पहले से ही PCPNDT अधिनियम के तहत नियमित छापेमारी और निगरानी अभियान चला रही है। अब उत्तर प्रदेश के सहयोग से इन अभियानों की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

बेटी बचाओ अभियान को मिलेगी मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से अवैध लिंग जांच पर रोक लगाने में बड़ी सफलता मिल सकती है। इससे "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को भी और मजबूती मिलेगी।

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