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Haryana News: हरियाणा में चलेगा दहेज के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान, एसडीएम होंगे दहेज निषेध अधिकारी

Haryana News: हरियाणा में चलेगा दहेज के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान, एसडीएम होंगे दहेज निषेध अधिकारी
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Naresh Kumar

May 07, 2026

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Haryana News: हरियाणा सरकार ने दहेज जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस ली है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे खास तौर पर युवाओ, शैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण समुदायों को लक्षित करते हुए दहेज के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करें। इसके लिए हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण का सहयोग लिया जाए।

Haryana News: हरियाणा सरकार ने दहेज जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस ली है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे खास तौर पर युवाओशैक्षणिक संस्थानों और ग्रामीण समुदायों को लक्षित करते हुए दहेज के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करें। इसके लिए हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण का सहयोग लिया जाए।

जिला प्रशासन को दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूकता अभियान तथा प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य समाज में दहेज मांगने की प्रवृत्ति के खिलाफ मजबूत जनमत तैयार करना और यह संदेश देना है कि दहेज लेना या देना कानूनन दंडनीय अपराध है।

अनुराग रस्तोगी आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में गृहशिक्षामहिला एवं बाल विकास विभागहरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्टेट ऑफ यू.पी. बनाम अजमल बेग एवं अन्य मामले में दिए गए निर्देशों में सभी राज्यों को दहेज निषेध कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयनदहेज निषेध अधिकारियों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

यह समीक्षा बैठक इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में बुलाई गई थी।

बैठक के दौरान रस्तोगी ने कहा कि दहेज से जुड़े उत्पीड़न और अपराधों को रोकने के लिए समन्वित और जन-केंद्रित रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि दहेज निषेध अधिकारियों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएं ताकि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

रस्तोगी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अक्टूबर 2015 में जारी अधिसूचना के तहत प्रदेश में सभी सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को दहेज निषेध अधिकारी नामित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी शिकायतों के निपटारेजागरूकता फैलाने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि दहेज निषेध अधिकारियों के नामसंपर्क नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी जिला तथा उपमंडल स्तर पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं और उनका व्यापक रूप से प्रचार किया जाएताकि पीड़ित और उनके परिवार आसानी से संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकें।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों के लिए समय-समय पर संवेदनशीलता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि दहेज मृत्यु से संबंधित धारा 304-बी तथा विवाहित महिलाओं के साथ क्रूरता से संबंधित धारा 498-ए के मामलों की प्रारंभिक स्तर से ही गंभीरता से जांच की जाएताकि वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित हो।

 

महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि दहेज निषेध अधिकारियों के लिए विधिक प्रावधानोंपुलिस समन्वयपीड़ित सहायता तंत्र और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने हेतु हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा)गुरुग्राम को अनुरोध भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि जिला कार्यक्रम अधिकारियों को आंगनवाड़ी नेटवर्क और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से गांवब्लॉक और जिला स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैंताकि विशेष रूप से युवाओंमहिलाओं और अभिभावकों को दहेज प्रथा के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा सके। इस दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर में लगभग 17,000 जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानोंपंचायती राज संस्थाओंधार्मिक नेताओंसामाजिक संगठनों और नागरिक समाज समूहों से भी दहेज-मुक्त हरियाणा के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया जाएगाताकि समानतागरिमा और आपसी सम्मान पर आधारित विवाह को बढ़ावा दिया जा सके।

नागरिकों से भी अपील की गई है कि दहेज से संबंधित उत्पीड़नधमकी या अवैध मांग की किसी भी घटना की सूचना बिना भय के निकटतम दहेज निषेध अधिकारीस्थानीय प्रशासनपुलिस या महिला एवं बाल विकास विभाग को दें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दहेज मांगने या महिलाओं एवं उनके परिवारों को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य परियोजना निदेशक वर्षा खांगवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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