Nabh Chhor
Haryana

Hansi Water Pipeline: 12-14 गांवों की खेती पर संकट, किसान हाईकोर्ट जाएंगे

Hansi Water Pipeline: 12-14 गांवों की खेती पर संकट, किसान हाईकोर्ट जाएंगे
N

Naresh Kumar

Jun 29, 2026

99 Views
Hansi Water Pipeline परियोजना को लेकर हिसार के किसानों ने विरोध तेज कर दिया है। किसानों का दावा है कि इससे 12 से 14 गांवों की खेती प्रभावित होगी और वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

Hansi Water Pipeline परियोजना को लेकर हिसार के किसानों ने विरोध तेज कर दिया है। किसानों का दावा है कि इससे 12 से 14 गांवों की खेती प्रभावित होगी और वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

  • हांसी को 10 क्यूसिक पानी देने के प्रस्ताव पर विवाद।
  • किसानों का दावा- 12 से 14 गांवों की सिंचाई प्रभावित होगी।
  • बरवाला लिंक चैनल की क्षमता बढ़ाने की मांग।
  • संयुक्त जल संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट जाने की घोषणा की।
  • किसानों ने सरकार के फैसले पर पुनर्विचार की मांग उठाई।

Hansi Water Pipeline को लेकर हिसार जिले में नया विवाद खड़ा हो गया है। हांसी शहर को भाखड़ा से जुड़े बरवाला लिंक चैनल के माध्यम से 10 क्यूसिक अतिरिक्त पानी देने के प्रस्ताव का प्रभावित क्षेत्र के किसान विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि वर्तमान क्षमता में बदलाव किए बिना पानी का डायवर्जन किया गया तो बरवाला नहर के टेल एरिया के 12 से 14 गांवों की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित होगी। इसी मुद्दे को लेकर किसानों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है।


क्या है पूरा मामला?

सरकार की योजना के तहत भाखड़ा प्रणाली से जुड़े बरवाला लिंक चैनल के माध्यम से हांसी शहर को 10 क्यूसिक पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

किसानों का कहना है कि चैनल की कुल क्षमता पहले से सीमित है। उनका आरोप है कि पंजाब के खनौरी हेड से बरवाला लिंक चैनल की क्षमता आज तक नहीं बढ़ाई गई, जबकि हरियाणा सरकार वर्ष 2014 में इसके लिए पंजाब सरकार को लगभग 4 करोड़ रुपये जमा करा चुकी है।


किसानों को किस बात का डर है?

किसानों का दावा है कि बरवाला लिंक चैनल से बालसमंद, सिवानी और राणा माइनर क्षेत्र में तीन ग्रुपों के माध्यम से सिंचाई होती है। वर्तमान में भी नहर के अंतिम हिस्से (टेल एरिया) तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

उनका कहना है कि यदि इसी चैनल से 10 क्यूसिक पानी हांसी शहर को दे दिया गया तो टेल एरिया के 12 से 14 गांवों की कृषि भूमि सिंचाई से वंचित हो सकती है, जिससे खेती पर गंभीर असर पड़ेगा।


संयुक्त जल संघर्ष समिति ने क्या कहा?

संयुक्त जल संघर्ष समिति के महासचिव सुरेन्द्र आर्य ने कहा कि हांसी और जींद यमुना कमांड एरिया का हिस्सा हैं, जबकि भाखड़ा कमांड एरिया के कई गांव पहले से पानी की कमी झेल रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाखड़ा परियोजना का लाभ पहले उन क्षेत्रों को मिलना चाहिए जो मूल कमांड एरिया में आते हैं। समिति का कहना है कि यदि पानी का पुनर्वितरण इसी तरह किया गया तो कई गांवों की कृषि भूमि बंजर होने का खतरा पैदा हो जाएगा।


हाईकोर्ट जाने की तैयारी

किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने प्रस्ताव पर पुनर्विचार नहीं किया तो वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

उनकी मांग है कि पहले बरवाला लिंक चैनल की क्षमता बढ़ाई जाए, उसके बाद ही अतिरिक्त पानी का आवंटन किया जाए ताकि किसी भी गांव की सिंचाई प्रभावित न हो।

Related Stories

ई-पेपर