डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान: एसपी सिद्धान्त जैन की अपील
Naresh Kumar
Aug 05, 2026
हिसार पुलिस ने लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है। एसपी सिद्धान्त जैन ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। संदिग्ध कॉल पर घबराएं नहीं, पैसे या निजी जानकारी साझा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने वाले साइबर ठगों से रहें सतर्क : एसपी सिद्धान्त जैन
हिसार, 04 अगस्त। पुलिस अधीक्षक हिसार श्री सिद्धान्त जैन ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि इन दिनों साइबर अपराधी "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर लोगों को डरा-धमकाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। ऐसे मामलों में साइबर ठग स्वयं को पुलिस अधिकारी, सीबीआई, ईडी, नारकोटिक्स, आयकर विभाग या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से लोगों को डराते हैं।
एसपी सिद्धान्त जैन ने बताया कि ठग पीड़ित को यह कहकर भयभीत करते हैं कि उसके आधार कार्ड, बैंक खाते, मोबाइल नंबर या पार्सल का उपयोग किसी अपराध में हुआ है। इसके बाद उसे वीडियो कॉल पर घंटों ऑनलाइन रहने के लिए मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी, बैंक खाते फ्रीज करने या कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। कोई भी पुलिस या सरकारी एजेंसी किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर हिरासत में नहीं लेती और न ही फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से पैसे जमा कराने का निर्देश देती है।
बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां:
• किसी भी अनजान नंबर से आए पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर किए गए कॉल पर तुरंत विश्वास न करें।
• वीडियो कॉल पर किसी के कहने पर अपने कमरे में बंद होकर बात न करें और न ही खुद को "डिजिटल अरेस्ट" मानें।
• किसी भी व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
• आधार, बैंक खाता, ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
• किसी भी संदिग्ध कॉल की सत्यता संबंधित विभाग के आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर जांचें।
• घबराने के बजाय अपने परिजनों या नजदीकी पुलिस से तुरंत संपर्क करें।
एसपी सिद्धान्त जैन ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होता है या ऐसी संदिग्ध कॉल प्राप्त होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
हिसार पुलिस की अपील:
"डरें नहीं, सतर्क रहें। याद रखें—'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी संदिग्ध कॉल पर घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।"