बालसमंद किसान मांग पत्र : सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से ग्रामीणों की सकारात्मक वार्ता , बालसमंद क्षेत्र के नहरी व पेयजल संकट का जल्द होगा स्थायी समाधान
Naresh Kumar
Jun 03, 2026
बालसमंद किसान मांग पत्र : किसान प्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री को सौंपा मांग पत्र, सभी प्रमुख मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का मिला आश्वासन
हरियाणा के बालसमंद और उसके आस-पास के दर्जनों गांवों में लंबे समय से चल रहे नहरी पानी और पेयजल संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ी और सकारात्मक प्रगति हुई है, क्षेत्र के किसानों और ग्रामीण प्रतिनिधियों के एक विशेष शिष्टमंडल ने चंडीगढ़ पहुंचकर हरियाणा सरकार की कैबिनेट सिंचाई मंत्री माननीय श्रीमती श्रुति चौधरी जी से मुलाकात की । इस बैठक के दौरान बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई, जहां मंत्री महोदया ने ग्रामीणों की पीड़ा को ध्यान से सुना और उनकी सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने का मजबूत आश्वासन दिया ।
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के प्रमुख किसान नेता और ग्रामीण प्रतिनिधि शामिल रहे, जिनमें कुरडाराम नंबरदार, ईश्वर सिंह सुंडावास ( jila pardhan BKUM ) , प्रहलाद सिंह सेशमा सुंडावास, मोहन मीठारवाल सरसाना, पारस लोरा, धीरू सरपंच बालसमंद, तारीफ सेवदा, रमेश डोबी, विजेंद्र पुनिया बुडाक, सुनील नेहरा और रमेश लोरा , और दर्जनों किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे । इन सभी प्रतिनिधियों ने एक सुर में अपनी समस्याओं को मंत्री महोदया के सामने रखी ।
प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई मंत्री को बालसमंद क्षेत्र की समस्याओं को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। इस पत्र में साफ किया गया कि बालसमंद, बुडाक, डोभी, सुंडावास, बांडाहेड़ी, खारिया, सरसाना, बासड़ा, भिवानी और इसके आस-पास के गांव लंबे समय से सिंचाई व पीने के पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। सूखाग्रस्त क्षेत्र होने के कारण स्थानीय किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं और आमजन का जीवन बेहाल है।
ग्रामीणों ने सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के समक्ष मुख्य रूप से निम्नलिखित 6 प्रमुख मांगें रखीं:
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किशनगढ़ ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ना: किशनगढ़ ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से तुरंत जोड़ा जाए ताकि पूरे इलाके को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल और सिंचाई योग्य पानी मिल सके। इसके लिए किशनगढ़ ब्रांच नहर को लाडवी के पास से बालसमंद नहर से जोड़ने की योजना को प्राथमिकता के आधार पर प्रशासनिक स्वीकृति दी जाए ।
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सिसवाला हेड पर अतिरिक्त यमुना जल की आपूर्ति: राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना के माध्यम से बालसमंद क्षेत्र को अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जाए। विशेष रूप से नॉन-मानसून (कम पानी वाले दिनों) की अवधि के दौरान सिसवाला हेड पर कम से कम 200 क्यूसेक पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि पेयजल संकट न गहराए।
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बरवाला ब्रांच की रीमॉडलिंग का कार्य: बरवाला ब्रांच का आरडी 52000 से लेकर टेल (अंतिम छोर) तक की क्षमता के अनुसार रीमॉडलिंग का कार्य जल्द शुरू कराया जाए। इससे नहर के आखिरी छोर पर स्थित खेतों और गांवों तक भी पर्याप्त मात्रा में पानी आसानी से पहुंच सकेगा।
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बालसमंद सब-ब्रांच की क्षमता का विस्तार: बालसमंद सब-ब्रांच की वर्तमान क्षमता को आरडी 0 से बढ़ाकर आरडी 70000 तक किया जाए। क्षमता बढ़ने से मानसून सत्र के दौरान आने वाले अतिरिक्त पानी का पूरा लाभ बालसमंद क्षेत्र के किसानों को मिल सकेगा और पानी व्यर्थ नहीं जाएगा.
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बसड़ा नंबर-2 परियोजना के लिए बजट मंजूर करना: बसड़ा नंबर-2 परियोजना को जल्द से जल्द प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जाए। इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए तय की गई लगभग ₹8.74 करोड़ की राशि को शीघ्र मंजूर कर जारी किया जाए ताकि धरातल पर काम शुरू हो सके।
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मानसून अवधि में नहरों को सुचारू रूप से चलाना: मानसून के सीजन में बढ़नपुर हेड पर 2200 क्यूसेक तथा राजथल हेड की ओर से 1700 क्यूसेक पानी हर हाल में उपलब्ध कराया जाए। इससे क्षेत्र की सभी नहरें एक साथ और पूरी क्षमता के साथ सुचारू रूप से चल सकेंगी और किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा।
मंत्री महोदया का आश्वासन: किसान प्रतिनिधियों की इन सभी मांगों को सुनने के बाद सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को इन प्रस्तावों की समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने शिष्टमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों और ग्रामीणों की आजीविका को लेकर बेहद गंभीर है और बालसमंद क्षेत्र के पानी के संकट को दूर करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इस सकारात्मक बातचीत और ठोस आश्वासन के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है।
लेखक : अजीत सिंह सेशमा