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मक्का के पास ड्रोन खतरा, पाकिस्तान ने रक्षा का भरोसा
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Naresh Kumar
Sep 17, 2026
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ख्वाजा आसिफ बोले, मक्का समझौते के तहत पाकिस्तान सहयोगी देशों की सुरक्षा में साथ देगा।
ख्वाजा आसिफ बोले, मक्का समझौते के तहत पाकिस्तान सहयोगी देशों की सुरक्षा में साथ देगा।

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17 सितंबर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि सऊदी अरब के मक्का शहर के पास ड्रोन हमले की कोशिश किये जाने के बाद, इस्लामाबाद मक्का समझौते के तहत अपना दायित्व निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
'जियो न्यूज' की वेबसाइट पर जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, आसिफ ने बुधवार को समाचार चैनल से कहा, ''मक्का समझौता हम पर लागू होता है और हम अपना कर्तव्य निभाएंगे।'' पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब ने सात अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
समझौते में सामूहिक प्रतिरोध करने की बात कही गई है और इसमें यह प्रावधान है कि तीनों देशों में से किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे उन सभी पर हमला माना जाएगा। आसिफ के ये बयान बुधवार को उस वक्त आए, जब सऊदी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने शहर के दक्षिण में हूती विद्रोहियों के एक ड्रोन को मार गिराया है। इसके बाद, मंगलवार को मक्का शहर समेत सऊदी अरब के पश्चिमी तट के कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही ड्रोन को मार गिराया गया। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने मक्का या किसी भी इस्लामी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है।
यह घटना सऊदी अरब और ईरान समर्थित समूह के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है। इस समूह ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के इलाके में हमले किए हैं तथा लाल सागर और उसके आसपास समुद्री परिवहन के लिए खतरा पैदा किया है।
जियो न्यूज के अनुसार, आसिफ ने बुधवार को कहा, ''अगर मक्का पर हमला होता है, तो उसकी सुरक्षा के लिए किसी रक्षा समझौते की जरूरत नहीं है।'' उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान को किसी समझौते की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसे समझौते के बिना भी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करना कर्तव्य है।
आसिफ ने कहा कि अगर तीनों देशों में से किसी की भी क्षेत्रीय अखंडता या भौगोलिक सीमाओं का उल्लंघन होता है तो उसके लिए मक्का समझौते में पारस्परिक रक्षा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इसके लागू होने को लेकर ''बिल्कुल भी कोई अस्पष्टता नहीं'' है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी रक्षा या सैन्य रणनीति पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करेगा।
आसिफ ने यह भी कहा कि सऊदी अरब पर हूतियों के हमलों को लेकर चिंताओं के बीच पाकिस्तान ने ईरान तक सऊदी का संदेश पहुंचाया है। उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि ईरान कोई और मोर्चा खोलेगा।'' उन्होंने कहा कि तेहरान पहले से ही इस इलाके में एक संघर्ष में उलझा हुआ है।