Nabh Chhor
Webstories

लाल किला हमले पर बड़ा खुलासा! UN रिपोर्ट में AQIS को ठहराया गया जिम्मेदार

लाल किला हमले पर बड़ा खुलासा! UN रिपोर्ट में AQIS को ठहराया गया जिम्मेदार
N

Naresh Kumar

Aug 13, 2026

45 Views
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में नवंबर 2025 के लाल किला हमले के लिए अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में दक्षिण एशिया में बढ़ते आतंकवादी खतरे और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर भी चिंता जताई गई है

संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में नवंबर 2025 के लाल किला हमले के लिए अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में दक्षिण एशिया में बढ़ते आतंकवादी खतरे और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर भी चिंता जताई गई है

लाल किला हमले के लिए 'अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट' को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया: संरा संयुक्त राष्ट्र, नयी दिल्ली में पिछले साल नवंबर में लाल किले पर हुए आतंकवादी हमले के लिए 'अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट' (एक्यूआईएस) को ''आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया'' है।

आतंकवाद-रोधी प्रतिबंधों की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक इकाई की नयी रिपोर्ट में यह बात कही गई है। नयी दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए भीषण विस्फोट में करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे

लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास यातायात सिग्नल पर धीमी गति से चल रही एक कार में यह विस्फोट हुआ था। सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया कि ''एक्यूआईएस ने बिखरे हुए समूह से क्षेत्रीय आतंकवादी संगठन के रूप में खुद को विकसित करना जारी रखा।'' 'इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत' (आईएसआईएल) और अल-कायदा से संबंधित सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति को सौंपी गई विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी दल की 38वीं रिपोर्ट में कहा गया, ''एक्यूआईएस ने साजो-सामान और वित्तीय नेटवर्क स्थापित किए तथा बड़ी इकाइयों के बजाय छोटे और अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय विकेंद्रीकृत समूहों के रूप में काम किया।

नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले के लिए एक्यूआईएस को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया।'' रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ''एक्यूआईएस द्वारा बांग्लादेश में अपने समूह स्थापित करने के लिए वहां की परिस्थितियों का फायदा उठाए जाने की कोशिश को लेकर कुछ चिंता है।'' रिपोर्ट में कहा गया कि अल-कायदा और आईएसआईएल (दाएश) रासायनिक और जैविक हथियार विकसित करने में कई वर्षों से लगातार रुचि दिखा रहे हैं लेकिन वे इससे जुड़ी तकनीकी चुनौतियों से पार पाने में अब तक नाकाम रहे हैं।

 ऐसे हथियार विकसित करने के निर्देश ऑनलाइन आतंकवादी समूहों में व्यापक रूप से साझा किए गए हैं। इसमें कहा गया, ''उदाहरण के लिए, फरवरी में आईएसआईएल (दाएश) की अंग्रेजी भाषा की पत्रिका 'इनवेड' में 'बोटुलिनम टॉक्सिन' और 'सायनाइड' विकसित करने के निर्देश शामिल थे।'' रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत-खुरासान (आईएसआईएल-के) ने इसमें ''विशेष रुचि'' दिखाई है और पिछले 12 महीने में उसने 'राइसिन' नाम का जहरीला पदार्थ विकसित करने से संबंधित निर्देश प्रसारित किए।

रिपोर्ट में कहा गया, ''भारतीय अधिकारियों ने 2025 के अंत में एक चिकित्सक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें विदेश में सक्रिय आईएसआईएल (दाएश) के एक समूह ने राइसिन विकसित करने का काम सौंपा था।'' संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने चिंता जताई कि संघर्ष की स्थिति आतंकवादी संगठनों के लिए अवसर पैदा कर सकती है और इससे क्षेत्र के सामने सुरक्षा संबंधी अतिरिक्त चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया, ''अफगानिस्तान से पैदा होने वाला आतंकवादी खतरा लगभग पहले जैसा ही बना हुआ है। कई आतंकवादी संगठनों का अफगानिस्तान में सक्रिय रहना पड़ोसी देशों और मध्य एशियाई क्षेत्र के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत-खुरासान से निपटने और अन्य आतंकवादी संगठनों पर अंकुश लगाने के अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद वे आतंकवाद की समस्या को दबाने में नाकाम रहे हैं।

 

Related Stories

ई-पेपर