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युवा ओलंपिक बैडमिंटन फाइनल में पहुंचीं पहली भारतीय महिला बनीं तन्वी पत्री

युवा ओलंपिक बैडमिंटन फाइनल में पहुंचीं पहली भारतीय महिला बनीं तन्वी पत्री
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Naresh Kumar

Nov 05, 2026

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भारत की 15 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने जापान की युजुनो वतनबे को हराकर युवा ओलंपिक फाइनल में जगह बनाई। अब स्वर्ण पदक पर नजर है।

भारत की 15 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने जापान की युजुनो वतनबे को हराकर युवा ओलंपिक फाइनल में जगह बनाई। अब स्वर्ण पदक पर नजर है।

डकार (सेनेगल)। भारत की उभरती बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पत्री ने इतिहास रच दिया है। ओडिशा की 15 वर्षीय खिलाड़ी युवा ओलंपिक खेलों की महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में जापान की दूसरी वरीयता प्राप्त युजुनो वतनबे को रोमांचक मुकाबले में 21-14, 11-21, 21-19 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।

54 मिनट तक चले इस मुकाबले में तन्वी ने शानदार खेल, धैर्य और मानसिक मजबूती का परिचय दिया। अब उनके पास स्वर्ण पदक जीतकर अपने ऐतिहासिक अभियान को यादगार बनाने का मौका है।

सेमीफाइनल में जापानी खिलाड़ी को दी कड़ी शिकस्त

तन्वी और युजुनो वतनबे के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहला गेम 21-14 से जीत लिया।

हालांकि, जापानी खिलाड़ी ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और 21-11 से जीत दर्ज कर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मुकाबला लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरता रहा, लेकिन निर्णायक क्षणों में तन्वी ने संयम बनाए रखा और 21-19 से गेम जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

थाईलैंड की खिलाड़ी को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची थीं तन्वी

इससे पहले तन्वी ने थाईलैंड की कुंगकाएव कनानिक को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इसके साथ ही वह युवा ओलंपिक की महिला एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थीं।

अब फाइनल में उनका सामना चीन की यी शिन झांग से होगा, जो मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन हैं।

चीन की विश्व जूनियर चैंपियन से होगा मुकाबला

तन्वी और झांग अब तक केवल एक बार आमने-सामने आई हैं। इस साल एशिया जूनियर चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में दोनों के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें तन्वी को 18-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा था।

ऐसे में युवा ओलंपिक का फाइनल तन्वी के लिए उस हार का हिसाब बराबर करने और स्वर्ण पदक जीतने का बड़ा अवसर होगा।

युवा ओलंपिक में भारतीय बैडमिंटन का शानदार इतिहास

युवा ओलंपिक में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने पहले भी शानदार प्रदर्शन किया है।

  • 2010: एचएस प्रणय ने सिंगापुर में आयोजित पहले युवा ओलंपिक में रजत पदक जीता था।

  • 2014: आदित्य जोशी ने पुरुष एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था।

  • 2018: ब्यूनस आयर्स युवा ओलंपिक में लक्ष्य सेन उपविजेता रहे थे।

अब तन्वी पत्री ने महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचकर भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। पूरे देश की नजरें उनके खिताबी मुकाबले पर रहेंगी, जहां उनके पास स्वर्ण पदक जीतकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है।

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