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कॉमनवेल्थ गेम्स: लवप्रीत ने रिकॉर्ड के साथ जीता रजत, नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय भालाफेंक फाइनल में

कॉमनवेल्थ गेम्स: लवप्रीत ने रिकॉर्ड के साथ जीता रजत, नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय भालाफेंक फाइनल में
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Naresh Kumar

Jul 31, 2026

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ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लवप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता। वहीं दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह पुरुषों की भालाफेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए। जानिए भारतीय खिलाड़ियों के पूरे प्रदर्शन की रिपोर्ट।

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लवप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता। वहीं दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह पुरुषों की भालाफेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए। जानिए भारतीय खिलाड़ियों के पूरे प्रदर्शन की रिपोर्ट।

लवप्रीत ने रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता, नीरज समेत तीन भारतीय भालाफेंक फाइनल में
 
ग्लास्गो, हैवीवेट भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ रजत पदक जीता जबकि बृहस्पतिवार को दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा समेत तीन भारतीय भालाफेंक के फाइनल में पहुंच गए । 
 
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु त्रिकूद फाइनल में पहुंच गए । 
 
28 वर्षीय लवप्रीत ने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 212 किग्रा सहित कुल 388 किग्रा भार उठाया। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।
 
पुरूषों के शॉटपुट फाइनल में एशियाई खेलों के चैम्पियन तेजिंदरपाल सिंह तूर पदक से चूककर पांचवें स्थान पर रहे । वहीं राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनिमेष कुजूर (200 मीटर ) और विशाल टीके (400 मीटर) फाइनल में जगह नहीं बना सके । 
 
पुरूषों की लॉन बॉल्स टीम ने अपना विजय अभियान जारी रखा । युवा महिला भारोत्तोलक प्लस 86 किलो वर्ग में पदक से चूक गई और पांचवें स्थान पर रही । 
 
लवप्रीत ने जीता रजत : 
पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले लवप्रीत ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए रजत पदक जीता। उन्होंने स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 212 किग्रा सहित कुल 388 किग्रा भार उठाया। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।
 
इसके साथ ही उन्होंने भारोत्तोलन में भारत के लगातार तीन स्पर्धाओं के पदक नहीं जीत पाने का सिलसिला भी तोड़ा। भारतीय भारोत्तोलन दल ने खेलों में अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया।
 
भारतीय भारोत्तोलक मार्टिना देवी मेबाम का राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्प भावनाओं से भरा रहा जब यह 18 वर्षीय खिलाड़ी मुकाबले से बाहर होने की कगार से वापसी करने में सफल रहीं लेकिन पदक से चूककर महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक भारवर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं।
मणिपुर की मार्टिना ने स्नैच में 105 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 140 किग्रा सहित कुल 245 किग्रा वजन उठाया। उनका कुल भार न्यूजीलैंड की तुई अलोफा पटोलो (115 किग्रा और 130 किग्रा) के बराबर रहा।
 
हालांकि कम असफल प्रयासों के आधार पर पटोलो को चौथा स्थान मिला।
 
नीरज , रोहित , यशवीर भालाफेंक फाइनल में, शॉटपुट में निराशा :
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के साथ दो अन्य भारतीय क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष 12 में जगह बनाकर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंच गए। 
चोपड़ा ने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करते हुए भाला फेंक स्पर्धा का खिताब जीता था।
 
वह क्वालीफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहे जबकि रोहित यादव (78.37 मीटर) और यशवीर सिंह (78.36 मीटर) क्रमशः नौवें और 10वें स्थान पर रहे। 
 
चोपड़ा ने बाद में कहा ,'' यहां के हालात भालाफेंक के लिये अच्छे नहीं है । ठंड के साथ हवा भी चल रही है ।''
पुरूषों की शॉटपुट स्पर्धा में भारत को पदक के लिये और इंतजार करना होगा क्योंकि एशियाई खेल चैम्पियन तेजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल फाइनल में क्रमश: पांचवें और सातवें स्थान पर रहे । 
 
भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में शॉटपुट में कभी पदक नहीं जीता है । इस बार फाइनल में दो भारतीय होने के बावजूद पदक नहीं मिल सका । 
 
भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारक धावक अनिमेष कुजूर पुरुष 200 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। वह अपनी सेमीफाइनल हीट (शुरुआती रेस) में 20.65 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे।
 
कुजूर सेमीफाइनल की दूसरी हीट में पहली लेन से दौड़े लेकिन 20.32 सेकेंड के अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड से काफी पीछे रहे रहे।
 
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु ने पुरुष त्रिकूद स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया।
चित्रावेल ने अपने पहले और एकमात्र प्रयास में 16.41 मीटर की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया।
 
प्रभु को क्वालीफिकेशन के दौरान कुछ तनावपूर्ण पल झेलने पड़े। उन्होंने अपने पहले दो प्रयास फाउल कर दिए, लेकिन अंतिम प्रयास में 16.26 मीटर की कूद लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया और फाइनल में जगह बना ली।
 
शनिवार को होने वाले फाइनल के लिए शीर्ष 12 खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया।
वहीं पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके फाइनल में जगह बनाने में असफल रहे। उन्होंने अपनी सेमीफाइनल हीट में 46.33 सेकेंड का समय लेकर छठा स्थान हासिल किया जो उनके स्तर के मुकाबले निराशाजनक प्रदर्शन रहा।
 
साइकिलिंग में लिशा बाहर, पुरूष फर्राटी टीम सातवें स्थान पर : 
भारतीय पैरा साइकिलिस्ट लिशा दास महिलाओं की सी4-सी5 4,000 मीटर व्यक्तिगत परसूट क्वालीफाइंग स्पर्धा में छठे और अंतिम स्थान पर रहने के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।
 
भारतीय दल की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली देश की एकमात्र पैरा-ट्रैक साइकिलिस्ट 16 वर्षीय इस खिलाड़ी ने क्वालीफाइंग राउंड में 6:58.000 का समय निकाला, जिसमें उनकी औसत गति 34.450 किमी प्रति घंटा रही।  
पुरुषों की टीम स्प्रिंट साइकिलिंग स्पर्धा में भारत कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया और सात टीमों में अंतिम स्थान पर रहा। 
 
भारत के तीन राइडर रोजित सिंह, डेविड बेकहम और रोनाल्डो सिंह ने 750 मीटर स्पर्धा में कुल मिलाकर 46.396 सेकंड का समय लिया और उनकी औसत गति 58.195 किमी प्रति घंटा रही।
 
लॉन बाल्स में भारतीय पुरूष जोड़ी का अपराजेय अभियान जारी : 
भारतीय पुरुष लॉन बॉल्स जोड़ी नवनीत सिंह और दिनेश कुमार ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए सेक्शन बी के राउंड तीन के दूसरे मैच में बोत्सवाना को टाई-ब्रेकर में हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की।
 
 दूसरे मैच में भारत की नयनमोयी सैकिया महिला एकल सेक्शनल सेक्शन सी में मलेशिया की एम्मा फिरयाना सरोजी से 0.5 . 1.5 से हार गई ।

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