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एशियाई पैरा खेलों में भारत का कमाल, बैडमिंटन में 5 कांस्य पदक जीते

एशियाई पैरा खेलों में भारत का कमाल, बैडमिंटन में 5 कांस्य पदक जीते
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Naresh Kumar

Oct 22, 2026

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एशियाई पैरा खेलों में भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार मिश्रित युगल के फाइनल में पहुंचे, जबकि नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल के फाइनल में जगह बनाई। भारत ने पांच कांस्य पदक भी जीते।

एशियाई पैरा खेलों में भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार मिश्रित युगल के फाइनल में पहुंचे, जबकि नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल के फाइनल में जगह बनाई। भारत ने पांच कांस्य पदक भी जीते।

नागोया, 22 अक्टूबर। एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार की जोड़ी ने मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 के फाइनल में जगह बनाई, जबकि नवीन शिवकुमार पुरुष एकल एसएल4 स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में पहुंच गए। भारतीय खिलाड़ियों ने इसके अलावा पांच कांस्य पदक भी अपने नाम किए।

थुलासिमथी और नितेश की जोड़ी फाइनल में पहुंची

थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार ने इचिनोमिया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेजियम में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल में चीन के ली मिंगपान और शियाओ जुक्सियन को 21-19, 14-21, 21-17 से हराया। 42 मिनट तक चले इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने निर्णायक गेम में अपनी लय वापस हासिल करते हुए जीत दर्ज की।

मैच के बाद नितेश ने कहा कि वे अपने प्रतिद्वंद्वियों की खेल शैली और मजबूत पक्षों से परिचित थे। हालांकि, मुकाबले के बीच में उनका ध्यान कुछ भटका और उनसे गलतियां हुईं, लेकिन तीसरे गेम की शुरुआत में उन्होंने अपनी लय हासिल कर ली।

नवीन शिवकुमार ने भी फाइनल में बनाई जगह

नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 के सेमीफाइनल में हमवतन अभिजीत सखूजा को सीधे गेमों में 21-13, 21-15 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

नवीन ने कहा कि इन खेलों में वह पहली बार हिस्सा ले रहे हैं और फाइनल में पहुंचना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रहती, लेकिन इस बार उन्होंने मुकाबले की शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन किया, जिसका उन्हें फायदा मिला।

सेमीफाइनल में हार के बाद अभिजीत सखूजा ने कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया।

संजना कुमारी को भी मिला कांस्य पदक

महिला एकल एसएल3 के सेमीफाइनल में संजना कुमारी को जापान की शिनो कावाई के खिलाफ 7-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद संजना ने कांस्य पदक हासिल किया।

उन्होंने माना कि सेमीफाइनल में उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता था। संजना ने कहा कि वह कड़ी मेहनत के साथ वापसी करेंगी और अब उनका लक्ष्य 2028 पैरालंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करना है।

मनीषा रामदास और प्रमोद भगत को कांस्य

मिश्रित युगल स्पर्धा में भारत के पास फाइनल में दो भारतीय जोड़ियों के आमने-सामने होने का मौका था। हालांकि, मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी इंडोनेशिया की लीनी रात्रि ओक्टिला और हिकमत रामदानी से 21-16, 13-21, 17-21 से हार गई और उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

मनीषा ने कहा कि मुकाबला बेहद करीबी था और उनके पास जीतने का अवसर था। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे अपनी एकल स्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगी।

प्रमोद भगत ने बताया कि भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीता था, लेकिन इसके बाद इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंद्वी दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं और मुकाबले के दौरान भारतीय जोड़ी का आत्मविश्वास भी कुछ कम हुआ।

सुहास यथिराज और कृष्णा नागर को भी कांस्य

टोक्यो पैरालंपिक के रजत पदक विजेता सुहास यथिराज पुरुष एकल एसएल4 के सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से 21-23, 21-8, 15-21 से हार गए। उन्हें कांस्य पदक मिला।

सुहास ने इस परिणाम पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने ग्रुप चरण में अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया था और सेमीफाइनल जीतने की उम्मीद थी, लेकिन उस दिन उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। हालांकि, उन्होंने 2018 से अब तक प्रमुख प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतने पर संतोष व्यक्त किया।

वहीं, कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवान की जोड़ी मिश्रित युगल एसएच6 के सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की रीना मर्लिना और सुभान से 14-21, 18-21 से हार गई। इस जोड़ी ने भी कांस्य पदक के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। कृष्णा नागर पुरुष युगल स्पर्धा में रजत पदक भी जीत चुके हैं।

पैरा बैडमिंटन की श्रेणियां क्या हैं?

पैरा बैडमिंटन में खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और खेल की आवश्यकताओं के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की जाती हैं।

  • एसएल3: निचले अंगों से संबंधित दिव्यांगता वाले खिलाड़ी इस श्रेणी में खेलते हैं और आधे कोर्ट का इस्तेमाल करते हैं।

  • एसयू: ऊपरी अंगों से संबंधित दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों की श्रेणी है। मिश्रित श्रेणियों में एसएल और एसयू वर्ग के खिलाड़ी एक साथ मुकाबला कर सकते हैं।

  • एसएल4: ऐसे खिलाड़ी इस श्रेणी में आते हैं जिनके चलने और दौड़ने के संतुलन पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ता है। वे पूरे कोर्ट पर खेलते हैं।

भारतीय खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने और कांस्य पदक जीतने से एशियाई पैरा खेलों में देश का प्रदर्शन मजबूत हुआ है। अब फाइनल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों की नजरें पदकों का रंग बदलने और स्वर्ण जीतने पर रहेंगी।

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