गौतम गंभीर ने शिवम दुबे को ऊपर भेजने का किया बचाव, टी20 बल्लेबाजी पर कही बड़ी बात
Naresh Kumar
Oct 10, 2026
गौतम गंभीर ने शिवम दुबे को चौथे नंबर पर भेजने के फैसले का बचाव किया। जानिए टी20 में बल्लेबाजी क्रम को लेकर कोच ने क्या कहा।

रांची। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ऑलराउंडर शिवम दुबे को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में सलामी बल्लेबाजों के अलावा बाकी बल्लेबाजी क्रम लचीला रहना चाहिए। भारत यह मुकाबला हार गया और पांच मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर हो गई।
दुबे को चौथे नंबर पर भेजने के फैसले का बचाव
ईशान किशन के आउट होने के बाद शानदार फॉर्म में चल रहे कप्तान श्रेयस अय्यर की जगह शिवम दुबे को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। दुबे ने ऑफ स्पिनर रोस्टन चेज की गेंद पर आउट होने से पहले 10 गेंदों में सात रन बनाए।
मैच के बाद संवाददाताओं से बातचीत में गंभीर ने कहा कि टीम लंबे समय से दुबे का इसी तरह इस्तेमाल करती आ रही है। विश्व कप और उससे पहले भी उन्हें ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी का मौका दिया गया था।
गंभीर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कभी फैसले टीम के पक्ष में जाते हैं और कभी नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम आगे भी बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन बनाए रखेगी। उनके मुताबिक, टी20 क्रिकेट में केवल सलामी बल्लेबाजों की जगह स्थायी होती है, जबकि बाकी बल्लेबाजों को परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग क्रम पर उतारा जा सकता है।
भारत के 249 रन भी नहीं आए काम
भारतीय टीम ने पांच विकेट पर 249 रन बनाए। बीच के ओवरों में रन गति अपेक्षा के मुताबिक नहीं रही, लेकिन श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा ने इसकी भरपाई की। हालांकि, वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और श्रृंखला 1-1 से बराबर कर दी।
गंभीर ने कहा कि किसी भी हार को हल्के में नहीं लिया जा सकता। विश्व चैंपियन होने के नाते भारतीय टीम लगातार सुधार करना चाहती है और अपनी कमजोरियों को छिपाने के बजाय उन पर काम करेगी।
उन्होंने ओस से प्रभावित सपाट पिच पर गेंदबाजी को चुनौतीपूर्ण बताया। गंभीर के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में बड़े स्कोर का बचाव करने का तरीका ढूंढना जरूरी है, खासकर तब जब विपक्षी टीम पावरप्ले में तीन विकेट गंवा चुकी हो।
शाई होप और रदरफोर्ड की पारी की तारीफ
गंभीर ने वेस्टइंडीज की जीत का श्रेय उसके बल्लेबाजों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से शाई होप की नाबाद 102 रन की पारी और शेरफेन रदरफोर्ड के 84 रन का उल्लेख किया। उन्होंने दोनों को इस प्रारूप के विश्वस्तरीय बल्लेबाज बताया।
भारतीय टीम के लिए तेज गेंदबाज मयंक यादव की गेंदबाजी सकारात्मक पहलू रही। उन्होंने लगातार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के शीर्ष क्रम को परेशान किया।
गंभीर ने कहा कि मैच केवल पहले ओवर में नहीं जीता या हारा जाता, बल्कि पूरे 40 ओवर तक अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होता है। उन्होंने मयंक की गति और उनकी भूमिका के अनुसार प्रदर्शन करने की क्षमता की सराहना की।