‘टकराव नहीं, संवाद चाहते हैं’, राहुल गांधी से सीटीआई ने फिर मांगा समय
Naresh Kumar
Oct 28, 2026
दिल्ली के कारोबारी संगठन सीटीआई ने राहुल गांधी से 20 मिनट की मुलाकात मांगी। संगठन ने रामलीला मैदान की रैली से 20 बाजारों के कारोबार पर असर की आशंका जताते हुए इसे दीपावली के बाद तक टालने का अनुरोध किया।

नयी दिल्ली। दिल्ली के कारोबारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक बार फिर पत्र लिखकर उनसे 20 मिनट की मुलाकात का समय मांगा है। संगठन चाहता है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली के कारण कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर व्यापारियों की चिंताओं पर चर्चा हो और रैली को दीपावली के बाद तक स्थगित करने पर विचार किया जाए।
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बुधवार को लिखे पत्र में कहा कि 20 बाजारों के प्रतिनिधि राहुल गांधी से मिलकर उन्हें बताना चाहते हैं कि प्रस्तावित रैली से व्यापारिक गतिविधियां किस तरह प्रभावित हो सकती हैं। रैली में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है और इसका आयोजन त्योहारों के व्यस्त कारोबारी समय में होना है।
चार दिन में दूसरी बार लिखा पत्र
सीटीआई ने चार दिन के भीतर दूसरी बार राहुल गांधी को पत्र भेजकर रैली की तारीख बदलने का अनुरोध किया है। इससे पहले 24 अक्टूबर को लिखे पत्र में संगठन ने कहा था कि रैली को दीपावली के बाद तक टालने से साल के सबसे व्यस्त कारोबारी समय में व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
बुधवार को लिखे पत्र में गोयल ने कहा, “हम टकराव नहीं चाहते, हम संवाद चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छोटे व्यापारियों की आवाज सुनने की बात करते हैं, इसलिए संगठन के प्रतिनिधि उनसे केवल 20 मिनट का समय मांग रहे हैं।
‘व्यापारियों की बात सुनें, फिर फैसला करें’
सीटीआई प्रमुख ने कहा कि यदि राहुल गांधी व्यापारियों को समझा पाते हैं कि रैली से कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और बाजारों में अधिक ग्राहक आएंगे, तो व्यापारी अपना विरोध वापस लेने को तैयार होंगे।
वहीं, यदि व्यापारी अपनी बात से यह समझाने में सफल रहते हैं कि रैली से व्यापारिक गतिविधियों को नुकसान हो सकता है, तो संगठन चाहता है कि कार्यक्रम को दीपावली के बाद तक स्थगित कर दिया जाए।
सीटीआई का कहना है कि उसका उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकालना है जिससे राजनीतिक कार्यक्रम और कारोबार दोनों प्रभावित न हों।
दिल्ली के 20 प्रमुख बाजारों पर असर की आशंका
सीटीआई ने जिन बाजारों की ओर से चिंता जताई है, उनमें चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, नबी करीम, करोल बाग, अजमेरी गेट, दरियागंज, नई सड़क, किनारी बाजार, दरीबा कलां, फतेहपुरी, नया बाजार, फिल्मिस्तान, पहाड़गंज, गफ्फार मार्केट, जामा मस्जिद-मीना बाजार और लाजपत राय मार्केट शामिल हैं।
संगठन के अनुसार, ये बाजार रामलीला मैदान से करीब एक से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। कारोबारियों को आशंका है कि रैली के कारण यातायात प्रतिबंधों, भीड़ और सड़कों पर दबाव से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
‘वोट चोरी’ और एसआईआर के मुद्दे पर रैली
‘इंडिया’ गठबंधन की प्रस्तावित रैली का उद्देश्य ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर सरकार पर दबाव बढ़ाना और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है।
इस बीच सीटीआई ने राहुल गांधी से मुलाकात कर व्यापारियों की चिंताओं पर चर्चा करने और रैली की तारीख पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। संगठन के अनुसार, बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकाला जा सकता है जिससे त्योहारों के दौरान बाजारों का कारोबार बाधित होने की आशंका कम हो।