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पेपर लीक विधेयक पर संसद में हंगामा, स्पीकर ओम बिरला ने सरकार-विपक्ष से की बड़ी अपील

पेपर लीक विधेयक पर संसद में हंगामा, स्पीकर ओम बिरला ने सरकार-विपक्ष से की बड़ी अपील
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Naresh Kumar

Jul 27, 2026

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लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक निरोधक विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू कराने के लिए स्पीकर ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष से शाम तक सहमति बनाने की अपील की। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई, जबकि सरकार ने इस विधेयक को युवाओं के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक निरोधक विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू कराने के लिए स्पीकर ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष से शाम तक सहमति बनाने की अपील की। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई, जबकि सरकार ने इस विधेयक को युवाओं के हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

प्रश्नपत्र लीक निरोधक विधेयक पर शाम तक सहमति बनाएं सरकार और विपक्ष: बिरला

नयी दिल्ली,  नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर पिछले सप्ताह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार द्वारा पेश किए गए प्रश्नपत्र लीक निरोधक विधेयक पर चर्चा शुरू कराने पर जोर देते हुए सरकार और विपक्षी दलों से आज शाम तक सहमति बनाने की अपील की।
 
सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे शुरू होने के बाद बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। विपक्षी सांसदों का शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष से इस मुद्दे पर मिलकर सहमति बनाने की अपील भी की।
 
अध्यक्ष ने कहा, ''हम इस विषय पर चर्चा चाहते हैं। मैं आपको तीन घंटे का समय देता हूं। शाम को पांच बजे तक सरकार और सभी दल मिलकर सहमति बनाएं, ताकि पांच बजे इस विधेयक पर चर्चा शुरू हो सके।''
 
इसके बाद उन्होंने कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी।
 
इससे पहले उन्होंने कहा, ''लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 हमारे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, उनकी मेहनत और उनकी आकांक्षाओं से जुड़ा अत्यधिक महत्वपूर्ण विधेयक है। यह विधेयक प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, दोषियों के विरुद्ध कठोर दंड प्रावधान कर करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा की दिशा में अहम कदम है।''
 
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सभी दलों के सदस्यों के मत और विचार आने चाहिए।
बिरला ने कहा, ''नारेबाजी करने, तख्तियां लहराने से विधेयक पर विचार नहीं होता।'' उन्होंने इस विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय देने तथा सदस्य चाहें तो और भी अधिक समय देने का आश्वासन दिया।
 
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ''यह इतना महत्वपूर्ण विधेयक है और इस पर इतने अधिक संशोधन के नोटिस आए हैं जिसका मतलब है कि कई सदस्य इस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपना मत रखना चाहते हैं।''
 
उन्होंने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों की ओर इशारा करते हुए कहा, ''फिर चर्चा रोकने के लिए नारेबाजी क्यों कर रहे है। युवाओं की इस पर नजर है। ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा रोककर ये गलत संदेश दे रहे हैं। कांग्रेस से अनुरोध है कि अपने साथियों को समझाएं और चर्चा शुरू करें।''
 
इससे पहले 11 बजे सदन की बैठक शुरू होने के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे को लेकर और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
 
बिरला ने आसन के समीप हंगामा कर रहे कुछ विपक्षी सदस्यों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी जो सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
 
लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। 
 
इसी बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। हंगामा नहीं थमने पर बिरला ने दोपहर 12 बजकर आठ मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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