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NEET में सुधार को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, NTA से राधाकृष्णन और नीलेकणि समिति की सिफारिशों पर मांगी जानकारी
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Naresh Kumar
Aug 19, 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने NEET सुधारों को संस्थागत बनाने पर जोर देते हुए NTA से राधाकृष्णन और नंदन नीलेकणि समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।
सुप्रीम कोर्ट ने NEET सुधारों को संस्थागत बनाने पर जोर देते हुए NTA से राधाकृष्णन और नंदन नीलेकणि समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।

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नीट: न्यायालय ने एनटीए से राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए उठाए कदमों की जानकारी मांगी
नयी दिल्ली, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में सुधारों को संस्थागत रूप देने की जरूरत पर जोर देते हुए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को निर्देश दिया कि वह उसे राधाकृष्णन समिति और नंदन नीलेकणि समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दे।
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अलोक अराधे की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मामले में एक नया हलफनामा दाखिल करने को कहा।
पीठ ने कहा, ''राधाकृष्णन समिति ने सही कहा है कि यह एक प्रणालीगत समस्या है, जिसे संस्थागत रूप देने की जरूरत है और यही इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। कागज पर यह प्रक्रिया पूरी तरह अच्छी दिखती है। लेकिन जब एक परीक्षा होने के बाद अगली परीक्षा आती है तब तक परिस्थितियां पूरी तरह बदल जाती हैं।''
सुनवाई की शुरुआत में मेहता ने न्यायालय को बताया कि नीट प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर छात्रों को प्रश्नपत्र मिलने तक पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा के कई उपाय अपनाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षाओं के लिए लागू व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें सेंध लगाना बेहद मुश्किल है।
उन्होंने बताया कि कई मॉडरेटरों यानी प्रश्न तैयार करने और उनकी समीक्षा करने वाले विशेषज्ञों से प्रश्न बैंक तैयार कराया जाता है और उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उनमें से कौन से प्रश्न अंतिम प्रश्नपत्र में शामिल किए जाएंगे।
मेहता ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगा होता है और उनकी हर छोटी गतिविधि भी दर्ज होती है।
न्यायालय याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रहा था। इनमें 'फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन' की ओर से अधिवक्ता तन्वी दुबे द्वारा दायर याचिका भी शामिल है।
नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक होने के बाद शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को बेहतर बनाने तथा एनटीए की संरचना और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सिफारिशें देने हेतु सात सदस्यीय राधाकृष्णन समिति का गठन किया था।
सरकार ने नीट परीक्षाओं में संरचनात्मक सुधारों के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्य बल का भी गठन किया था।