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महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोप, संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन
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Naresh Kumar
Oct 05, 2026
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नई दिल्ली में तीन महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने FIR दर्ज करने और कथित घटना की CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की।
नई दिल्ली में तीन महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने FIR दर्ज करने और कथित घटना की CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की।

महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन
नयी दिल्ली, प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्र होकर तीन महिला पत्रकारों द्वारा 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की जांच की मांग की।
कई प्रदर्शनकारियों को उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब वे थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। वे कथित घटना की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि कथित घटना वाले दिन वे सीसीटीवी फुटेज हासिल करने के लिए थाने गए थे, लेकिन उन्हें 24 घंटे बाद आने को कहा गया। प्रदर्शनकारी ने 'पीटीआई-वीडियो' से बातचीत में कहा, ''हम दोबारा गए और फिर सीसीटीवी फुटेज मांगी, लेकिन उन्होंने हमें फुटेज उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने न तो प्राथमिकी दर्ज की और न ही मामले के बारे में कोई जानकारी दी। इसके बजाय हमें हिरासत में ले लिया गया।''
हिरासत में ली गयी एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की उचित तरीके से जांच की जानी चाहिए। उसने आरोप लगाया कि जुलाई में भी संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ इसी तरह की शिकायत की गई थी, जिस पर उत्पीड़न का आरोप है।
उसने आरोप लगाया, ''हमारी यही मांग है क्योंकि संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ जुलाई में भी एक मामला सामने आया था।'' उसने दावा किया कि यह दूसरी शिकायत है, लेकिन पहली शिकायत की भी कोई जांच नहीं की गई और मौजूदा मामले को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद किया गया।
पुलिस के एक अधिकारी ने इससे पहले बताया था कि नयी दिल्ली जिला पुलिस ने ''निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच'' के लिए शिकायतों को अपराध शाखा को भेज दिया है। महिला पत्रकारों में से एक ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया था कि जब उसने प्रदर्शन स्थल पर महिला पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया, तो एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने उसका यौन उत्पीड़न किया।