हरियाणा-राजस्थान जल समझौता: यमुना जल बंटवारे पर ऐतिहासिक MOU, बांध परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
Naresh Kumar
Jun 29, 2026
हरियाणा राजस्थान जल समझौता के तहत यमुना जल बंटवारे पर ऐतिहासिक MOU हुआ। रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार।
- ✅ हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक जल समझौते पर हस्ताक्षर।
- ✅ 1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते के तहत राजस्थान को मिलेगा पानी।
- ✅ रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाओं को मिलेगी नई गति।
- ✅ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुआ समझौता।
- ✅ जल प्रबंधन और अंतर्राज्यीय सहयोग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।
हरियाणा और राजस्थान के बीच लंबे समय से जुड़े जल बंटवारे के मुद्दे पर अब एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के बीच हरियाणा राजस्थान जल समझौता (MOU) संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत 1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते के प्रावधानों के अनुसार राजस्थान को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही रेणुका, किशाऊ और लखवार बांध परियोजनाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
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हरियाणा और राजस्थान के बीच क्यों हुआ यह जल समझौता?
नई दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में हरियाणा राजस्थान जल समझौता पर हस्ताक्षर किए गए। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। समझौते का उद्देश्य जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाना और भविष्य की जल आवश्यकताओं को संतुलित तरीके से पूरा करना है।
यह समझौता जल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
1994 के अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते का क्या महत्व है?
यह नया MOU वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड समझौते के प्रावधानों पर आधारित है। इसके तहत राजस्थान को निर्धारित हिस्से का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे वर्षों से लंबित जल वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी और राज्यों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा।
रेणुका, किशाऊ और लखवार परियोजनाओं को मिलेगी नई गति
हरियाणा राजस्थान जल समझौता का सबसे बड़ा लाभ तीन महत्वपूर्ण बांध परियोजनाओं को मिलने की उम्मीद है—
- रेणुका बांध परियोजना
- किशाऊ बांध परियोजना
- लखवार बांध परियोजना
इन परियोजनाओं के तेज़ी से आगे बढ़ने से भविष्य में पेयजल उपलब्धता, सिंचाई क्षमता और जल संरक्षण को मजबूत आधार मिलेगा।
जल प्रबंधन और विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल पानी के बंटवारे तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर जल प्रबंधन, अंतर्राज्यीय सहयोग और दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
समझौते के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहे।
हरियाणा और राजस्थान के लिए क्यों है अहम?
बढ़ती आबादी और जल संकट के बीच हरियाणा राजस्थान जल समझौता दोनों राज्यों के लिए भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार माना जा रहा है।
यदि बांध परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो इससे लाखों लोगों को पेयजल और किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की संभावना बढ़ेगी।