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भारत के Pharma Export को झटका! ट्रंप का जेनेरिक दवाओं पर बड़ा ऐलान

भारत के Pharma Export को झटका! ट्रंप का जेनेरिक दवाओं पर बड़ा ऐलान
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Naresh Kumar

Jul 22, 2026

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि आयातित जेनेरिक दवाओं पर अगस्त 2028 से 200% तक शुल्क लगाया जाएगा। भारत, जो अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है, इस फैसले से सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है। इस कदम का उद्देश्य दवा निर्माण को अमेरिका में बढ़ावा देना बताया गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि आयातित जेनेरिक दवाओं पर अगस्त 2028 से 200% तक शुल्क लगाया जाएगा। भारत, जो अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है, इस फैसले से सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है। इस कदम का उद्देश्य दवा निर्माण को अमेरिका में बढ़ावा देना बताया गया है।

अमेरिका जेनेरिक दवाओं के आयात पर अगस्त 2028 से लगाएगा भारी शुल्क; भारत पर पड़ सकता है असर
 
वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका आयातित जेनेरिक दवाओं पर अगस्त 2028 से भारी शुल्क लगाएगा।

ट्रंप ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य जेनेरिक दवाओं के उत्पादन को अमेरिका में प्रोत्साहित करना है।
इस फैसले का असर भारत पर पड़ सकता है, जो अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्यातक है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि एक अगस्त से अमेरिका में आयातित सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो वर्ष तक शून्य प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा। इसके बाद एक वर्ष के लिए शुल्क बढ़ाकर 100 प्रतिशत और उसके बाद 200 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, '' एक अगस्त, 2026 से अमेरिका में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर अगले दो वर्ष तक शुल्क शून्य प्रतिशत रहेगा। इसके बाद एक वर्ष के लिए इसे 100 प्रतिशत और उसके बाद 200 प्रतिशत कर दिया जाएगा।''

ट्रंप ने कहा, '' यह कदम अमेरिका में जेनेरिक दवाओं के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। निर्धारित अवधि के भीतर जो कंपनियां अमेरिका में संयंत्र और उपकरण स्थापित नहीं करेंगी, उन पर यह शुल्क एक तरह का दंड होगा।''

राष्ट्रपति ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य अमेरिका के लोगों के हितों की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि 'पेटेंट' वाली, 'ब्रांडेड' या 'इनोवेटिव' दवाओं से संबंधित मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

भारत को अक्सर 'दुनिया का दवाखाना' कहा जाता है, क्योंकि वह दुनिया के अनेक देशों को जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है।

आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 9.7 अरब डॉलर मूल्य की दवाओं का निर्यात किया। यह उसके कुल वैश्विक औषधि निर्यात 25.8 अरब डॉलर का 38 प्रतिशत था।

भारत में बनी जेनेरिक दवाओं का उपयोग अमेरिका में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, संक्रामक रोगों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के उपचार में व्यापक रूप से किया जाता है।

ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि अमेरिका इस वर्ष की शुरुआत में उच्चतम न्यायालय द्वारा निरस्त किए गए शुल्कों की भरपाई के लिए नए शुल्क लगाने की योजना बना रहा है।

ट्रंप प्रशासन कथित बंधुआ श्रम प्रथाओं और अनुचित व्यापार नीतियों से संबंधित जांच का हवाला देते हुए भारत सहित लगभग 60 देशों पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक नए शुल्क लगाने की योजना बना रहा है।
अमेरिकी व्यापार प्रमुख ने कहा था कि यह शुल्क नीति पूरी तरह आर्थिक दृष्टिकोण से प्रेरित है, न कि विदेश नीति के नजरिये से।

 

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