Nabh Chhor
National

Assam Flood News: आखिर ब्रह्मपुत्र घाटी में हर साल क्यों आती है बाढ़? जानिए इसकी बड़ी वजह

Assam Flood News: आखिर ब्रह्मपुत्र घाटी में हर साल क्यों आती है बाढ़? जानिए इसकी बड़ी वजह
N

Naresh Kumar

Jun 29, 2026

126 Views
Assam Flood News: ब्रह्मपुत्र घाटी में भारी बारिश के बाद बाढ़ से 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। धेमाजी में रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हैं

Assam Flood News: ब्रह्मपुत्र घाटी में भारी बारिश के बाद बाढ़ से 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। धेमाजी में रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हैं

  • असम के 6 जिलों में बाढ़ की पहली लहर का असर।
  • 22,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित।
  • धेमाजी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित।
  • रेलवे पुल का पियर क्षतिग्रस्त, ट्रेन सेवाएं बंद।
  • 1,263 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न।
  • 43,000 से अधिक पशुधन प्रभावित।
  • मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राहत कार्यों की निगरानी तेज की।

Assam Flood News के अनुसार असम में मानसून की पहली बड़ी बाढ़ ने हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। असम और पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसका सबसे ज्यादा असर ब्रह्मपुत्र घाटी पर पड़ा है, जहां 6 जिलों के 22 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। धेमाजी जिले में रेलवे पुल का पियर क्षतिग्रस्त होने से रेल सेवाएं भी प्रभावित हो गई हैं।


ब्रह्मपुत्र घाटी में हर साल क्यों आती है बाढ़?

असम का अधिकांश हिस्सा ब्रह्मपुत्र घाटी में स्थित है। ब्रह्मपुत्र नदी अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों से होकर असम में प्रवेश करती है। मानसून के दौरान अरुणाचल प्रदेश में होने वाली भारी बारिश का पानी तेजी से ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में पहुंचता है। जब नदी की जलधारण क्षमता से अधिक पानी जमा हो जाता है, तो नदी अपने किनारों से बाहर निकलकर आसपास के इलाकों में फैल जाती है।

इसी कारण ब्रह्मपुत्र घाटी में लगभग हर वर्ष बाढ़ की स्थिति बन जाती है।


किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?

इस बार बाढ़ से प्रभावित प्रमुख जिले हैं—

  • धेमाजी
  • लखीमपुर
  • डिब्रूगढ़
  • नलबाड़ी
  • चिरांग
  • कोकराझार

इनमें धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहां लगभग 15,483 लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।


खेती और पशुधन को भारी नुकसान

बाढ़ का असर केवल लोगों तक सीमित नहीं है।

  • लगभग 1,263 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई।
  • करीब 43,098 पशुधन भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
  • कई गांवों में फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं।

रेलवे और सड़क संपर्क प्रभावित

धेमाजी जिले में आर्चीपाथार और सिमेन चापरी रेलवे स्टेशनों के बीच तेज बहाव के कारण रेलवे पुल का एक पियर क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके चलते पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने मुरकोंगसेलेक–सिलापाथर रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं और बसों की वैकल्पिक व्यवस्था भी की है।

वहीं, जोनाई क्षेत्र में केमी नदी पर बना एक सड़क पुल भी तेज बहाव में बह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया।


प्रशासन अलर्ट पर

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने स्थिति की समीक्षा करते हुए जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका और राजस्व मंत्री केशब महंत को धेमाजी में राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) लगातार ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

उधर, अरुणाचल प्रदेश प्रशासन ने भी लोगों को भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

Related Stories

ई-पेपर