Army Chief India : भारत को मिला नया सेना प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ संभालेंगे कमान
Naresh Kumar
Jun 13, 2026
Army Chief India :केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय थल सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। जानिए उनका सैन्य करियर, अनुभव और कार्यकाल से जुड़ी पूरी जानकारी।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय थल सेना (Indian Army) के अगले प्रमुख (Chief of the Army Staff - COAS) के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा कर दी है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है। वे 30 जून 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद 1 जुलाई 2026 से भारतीय सेना की कमान संभालेंगे।
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लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ वर्तमान में थल सेना के उपाध्यक्ष (Vice Chief of the Army Staff) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अप्रैल 2026 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। नए सेना प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खड़कवासला के पूर्व छात्र धीरज सेठ दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर (Armoured Corps) में कमीशन हुए थे। वे वर्ष 1997 के बाद बख्तरबंद कोर से सेना प्रमुख बनने वाले पहले अधिकारी होंगे। लगभग चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा रेगिस्तानी क्षेत्रों में आर्मर्ड रेजिमेंट और प्रतिष्ठित सुदर्शन चक्र कोर की कमान भी संभाली है। रणनीतिक नेतृत्व और सैन्य संचालन के क्षेत्र में उनकी गहरी विशेषज्ञता मानी जाती है।
थल सेना उपाध्यक्ष बनने से पहले वे भारतीय सेना की दो प्रमुख ऑपरेशनल कमानों—दक्षिण पश्चिमी कमान (South Western Command) और दक्षिणी कमान (Southern Command) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) रह चुके हैं। सेना के आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और दीर्घकालिक बल पुनर्गठन की योजनाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना की युद्धक क्षमता, आधुनिक तकनीक का उपयोग और सीमा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उनकी नियुक्ति को भारतीय रक्षा तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक फैसला माना जा रहा है।