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कट सकता है पैर! डायबिटीज में पैरों की चोट को न करें नजरअंदाज

कट सकता है पैर! डायबिटीज में पैरों की चोट को न करें नजरअंदाज
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Naresh Kumar

Jul 18, 2026

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डायबिटीज मरीजों के लिए पैरों का छोटा-सा घाव या छाला भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज न मिलने पर अंग काटने तक की नौबत आ सकती है। इसलिए पैरों की नियमित जांच और तुरंत उपचार बेहद जरूरी है।

डायबिटीज मरीजों के लिए पैरों का छोटा-सा घाव या छाला भी गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज न मिलने पर अंग काटने तक की नौबत आ सकती है। इसलिए पैरों की नियमित जांच और तुरंत उपचार बेहद जरूरी है।

मधुमेह रोगियों को पैरों के छालों या मामूली घाव को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी : चिकित्सक
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए पैर में होने वाले छोटे-से छाले, घाव या पैर की उंगली की मामूली चोट को भी नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम ला सकता है। यदि इन मामूली घावों का समय पर उपचार नहीं किया जाए, तो वे गंभीर संक्रमण का रूप ले सकते हैं तथा अंततः पैर या उसका कोई हिस्सा काटने तक की नौबत आ सकती है।

गुरुग्राम के मारेन्गो एशिया हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बताया कि 'डायबिटिक फुट सिंड्रोम' की बढ़ती समस्या चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यह मधुमेह की सबसे अधिक नजरअंदाज की जाने वाली जटिलताओं में से एक है, जबकि शुरुआती जांच और समय पर उपचार के जरिए इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।

अस्पताल ने 15 जुलाई को विश्व प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर एक विशेष प्रयोगशाला शुरू की, जिसका उद्देश्य पैरों में छाले बनने से पहले ही उनसे जुड़ी समस्याओं का पता लगाना है।
'इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन' (आईडीएफ) के डायबिटीज एटलस 2025 के अनुसार, भारत में 8.9 करोड़ से अधिक वयस्क मधुमेह से पीड़ित हैं। इस कारण भारत दुनिया में मधुमेह रोगियों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है।
 
अध्ययनों के अनुसार, मधुमेह से पीड़ित 15 से 25 प्रतिशत लोगों को जीवनकाल में कभी न कभी पैरों में छाले हो जाते हैं। वहीं, मधुमेह के कारण होने वाली दिक्कतों के बाद पैर का निचला हिस्सा सर्जरी कर अलग किए जाने से संबंधित लगभग 85 प्रतिशत मामलों में परेशानी की शुरुआत पैरों में छाले से होती है, जिसे अधिकतर मामलों में समय रहते पहचान और उपचार के जरिए रोका जा सकता है।
'डायबिटिक फुट अल्सर' पैर के तलवे पर होने वाला एक खुला घाव है, जो नसों की खराबी और रक्त प्रवाह के प्रभावित होने के कारण होता है।

'डायबिटिक फुट अल्सर' अक्सर क्यों नजरअंदाज हो जाते हैं, इस बारे में डॉक्टर अमिताभ सिंह ने बताया कि लंबे समय तक अनियंत्रित रहने वाली मधुमेह नसों को नुकसान पहुंचाती है, पैरों की मांसपेशियों को कमजोर करती है और रक्त संचार कम कर देती है।

उन्होंने कहा, ''अधिकांश डायबिटिक फुट अल्सर की शुरुआत बिना दर्द वाले घाव से होती है। शरीर में लंबे समय तक शर्करा का स्तर अधिक रहने से नस क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और पैर सुन्न होने लगता है। ऐसे में लोगों को यह पता ही नहीं चलता कि उनके पैर में घाव हो गया है, क्योंकि उन्हें दर्द महसूस नहीं होता।''

सिंह ने कहा, ''जब ऐसे लोग डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तब तक अक्सर बहुत देर हो चुकी होती है और संक्रमण गहरे ऊतकों तक फैल चुका होता है। कई मामलों में पैर काटने की नौबत एक छोटे से छाले से शुरू होती है, जिसे समय रहते रोका जा सकता है।''

 

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