Haryana News: हरियाणा में अश्लील गानों और रील्स पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी: महिला आयोग ने CM को लिखा पत्र, अब माफी नहीं सीधा जेल!
Naresh Kumar
Apr 15, 2026
Haryana News: हरियाणा में मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता परोसने वाले गायकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की अब खैर नहीं है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने गंदे गानों और आपत्तिजनक रील्स पर लगाम कसने के लिए आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि समाज और महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को अब ‘सॉरी’ बोलकर बचने का रास्ता नहीं मिलेगा, बल्कि सीधा कानूनी एक्शन होगा।
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बादशाह प्रकरण का हवाला: ‘माफी मांगने का ट्रेंड अब होगा खत्म’
हिसार के कबीर छात्रावास में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए रेणु भाटिया ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मशहूर सिंगर बादशाह के पुराने विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि अक्सर कलाकार महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं या गाने गाते हैं और फिर विवाद बढ़ने पर माफी मांगकर मामला रफा-दफा कर देते हैं। भाटिया ने कहा, “हम प्रयास कर रहे हैं कि यह बार-बार माफी मांगकर बचने वाला सिस्टम खत्म हो। जो गलती करेगा, उसे अब सजा भुगतनी होगी।”
CM को पत्र: सोशल मीडिया की निगरानी के लिए बनेगा अलग ‘विभाग’
महिला आयोग ने इस मुद्दे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र लिखकर विशेष मांग की है:
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स्पेशल डिपार्टमेंट का गठन: सोशल मीडिया, यूट्यूब गानों और रील्स पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए एक अलग महकमा या नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
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त्वरित कार्रवाई: जैसे ही कोई भ्रामक, अश्लील या महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट वायरल हो, उस पर तुरंत संज्ञान लेकर FIR दर्ज की जाए।
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सेंसरशिप: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परोसी जा रही अश्लीलता पर नकेल कसने के लिए सख्त नियम बनाए जाएं।
सर्वे का चौंकाने वाला खुलासा: ‘बुजुर्गों और नशे की संगत बिगाड़ रही बच्चों का भविष्य’
रेणु भाटिया ने केवल गानों पर ही नहीं, बल्कि पारिवारिक माहौल पर भी चिंता जताई। उन्होंने पानीपत के एक गांव में करवाए गए सर्वे का जिक्र करते हुए बताया कि:
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बुरी संगत का असर: बच्चों ने स्वीकार किया कि गांव के कोनों में बैठकर जुआ खेलते बुजुर्ग और शराब के ठेकों पर जाते पिता उनके लिए गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं।
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संस्कारों की कमी: भाटिया ने कहा कि जब परिवार के बड़े ही गलत रास्ते पर होंगे, तो बच्चों को बताने की जरूरत नहीं पड़ती, वे वही सीखते हैं जो देखते हैं। उन्होंने अपील की कि परिवारों को अपने बच्चों को अपनी जड़ों और अच्छे संस्कारों से जोड़ना होगा।
“मनोरंजन के नाम पर समाज को हानि पहुँचाने वाला कंटेंट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला आयोग अब समाज सुधार के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।” > — रेणु भाटिया, अध्यक्ष (हरियाणा राज्य महिला आयोग)
Nabh chhor की राय
डिजिटल दौर में जहां व्यूज के चक्कर में मर्यादाएं लांघी जा रही हैं, महिला आयोग का यह कदम स्वागत योग्य है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस प्रस्तावित विभाग को कब तक अमली जामा पहनाती है और इसका जमीन पर कितना असर होता है।
आपका क्या सोचना है? क्या गंदे गानों पर बैन लगना चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।
