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Ambala Borewell Rescue: 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का निर्भय, NDRF-सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Ambala Borewell Rescue:  220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का निर्भय, NDRF-सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
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Naresh Kumar

Jun 30, 2026

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Ambala Borewell Rescue: हरियाणा के अंबाला जिले में 4 वर्षीय निर्भय 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। NDRF, SDRF, सेना और प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। अंडरवॉटर कैमरे में बच्चे का हाथ दिखाई दिया है। जानें पूरी खबर।

Ambala Borewell Rescue: हरियाणा के अंबाला जिले में 4 वर्षीय निर्भय 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। NDRF, SDRF, सेना और प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। अंडरवॉटर कैमरे में बच्चे का हाथ दिखाई दिया है। जानें पूरी खबर।

दो दशक पहले यानि 2006 में बोरवेल में गिरे कुरुक्षेत्र जिले के हल्दाहेड़ी गांव के पांच वर्षीय प्रिंस के रेस्क्यू की यादें आज उस समय ताजा हो गई जब अंबाला जिले के धन्यौड़ा गांव में एक चार साल का बच्चा निर्भय 220 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया। निर्भय को सकुशल बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।

 अम्बाला जिले के धन्यौड़ा गांव में आज सुबह करीब सात बजे चार वर्षीय मासूम निर्भय 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। करीब सात घंटे से जारी बचाव अभियान के दौरान अंडरवॉटर कैमरे में बच्चे का एक हाथ दिखाई दिया है। एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार, कैमरे में बच्चे का एक हाथ ऊपर की ओर दिखाई दे रहा है, जबकि गर्दन नीचे की ओर झुकी हुई है। इससे रेस्क्यू टीम को बच्चे की स्थिति का अहम सुराग मिला है और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, निर्भय आज सुबह अपने पिता मनजीत सिंह के साथ खेत में दादा करनैल सिंह को खाना देने गया था। दादा खेत में भोजन कर रहे थे, जबकि पिता धान की रोपाई के काम में लग गए। इसी दौरान निर्भय खेलते-खेलते खेत में खुले पड़े बोरवेल तक पहुंच गया।

परिजनों के अनुसार, निर्भय बोरवेल में मिट्टी डालकर नीचे से आ रही आवाज सुन रहा था। आवाज आने पर वह बोरवेल के भीतर झांकने लगा। इसी दौरान गीली मिट्टी पर उसका पैर फिसल गया और वह सीधे बोरवेल में जा गिरा। तेज आवाज सुनकर दादा और पिता मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से पहले अपने स्तर पर बच्चे को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह करीब साढ़े सात बजे डायल-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की टीमें मौके पर पहुंच गईं। 

60 फीट के बाद पानी, सात बार नाकाम रही कोशिश
प्रशासन के अनुसार, बोरवेल में करीब 60 फीट की गहराई के बाद पानी भरा हुआ है, जिससे बचाव अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया है। बच्चे की स्थिति जानने के लिए रस्सियों के सहारे अंडरवॉटर कैमरे नीचे उतारे गए। एनडीआरएफ के एक सदस्य ने बताया कि कैमरे में बच्चे का एक हाथ ऊपर की ओर दिखाई दिया है, जबकि गर्दन नीचे की तरफ झुकी हुई है। बच्चे को बाहर निकालने के लिए विशेष रूप से तैयार कांटा-कुंडी से उसके कपड़े को पकड़ने की अब तक सात बार कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। बच्चे के हाथ की स्थिति के कारण भी अभियान में कठिनाई आ रही है।

बारिश बनी चुनौती
दोपहर करीब डेढ़ बजे हल्की बारिश शुरू होने से बचाव अभियान प्रभावित हुआ। बारिश का पानी बोरवेल में न जाए, इसके लिए सेना ने बोरवेल के ऊपर टेंट लगा दिया। बचाव दल नए उपकरणों और विशेष कांटा-कुंडी की मदद से दोबारा प्रयास करने की तैयारी कर रहा है। दोपहर करीब दो बजे अम्बाला के उपायुक्त ने दोबारा मौके पर पहुंचकर अभियान की प्रगति की समीक्षा की।

पिता की बिगड़ी तबीयत, मां सदमे में
निर्भय के पिता मनजीत सिंह हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से बिजली निगम में कार्यरत हैं। रेस्क्यू अभियान के दौरान बेटे को बचाने की गुहार लगाते-लगाते वह बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया। बच्चे की मां जसबीर कौर सदमे में हैं। निर्भय की 12 वर्षीय एक बहन भी है।

2006 के प्रिंस रेस्क्यू आॅपरेशन की याद ताजा
धन्यौड़ा की घटना ने वर्ष 2006 में हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के हल्दाहेड़ी गांव में हुए चर्चित प्रिंस रेस्क्यू आॅपरेशन की याद ताजा कर दी। उस समय पांच वर्षीय प्रिंस 60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। भारतीय सेना ने करीब 50 घंटे तक चले अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। इसके बाद खुले और अनुपयोगी बोरवेलों की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में व्यापक चर्चा शुरू हुई थी।

देश के चर्चित बोरवेल हादसे

● 2006 : प्रिंस रेस्क्यू आॅपरेशन, जिस पर टिकी थीं पूरे देश की नजरें
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के हल्दाहेड़ी गांव में पांच वर्षीय प्रिंस 60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। भारतीय सेना ने करीब 50 घंटे तक चले अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला था।

● 2019 : तमिलनाडु में नहीं बच सका सुजीत विल्सन
तिरुचिरापल्ली जिले में दो वर्षीय सुजीत विल्सन 80 फीट से अधिक गहरे बोरवेल में गिर गया था। करीब 80 घंटे तक चले बचाव अभियान के बावजूद उसे जीवित नहीं बचाया जा सका।

● 2022 : मध्य प्रदेश में तनमय की मौत
सीहोर जिले में आठ वर्षीय तनमय साहू करीब 400 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। लगभग 84 घंटे तक चले अभियान के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।

● 2022 : छत्तीसगढ़ में 104 घंटे बाद सुरक्षित निकला राहुल
मुंगेली जिले में 10 वर्षीय राहुल साहू 80 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। सेना, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने 104 घंटे तक चले अभियान के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।

● 2026 : पंजाब में गुरकरण को नौ घंटे बाद निकाला गया
होशियारपुर जिले में चार वर्षीय गुरकरण सिंह बोरवेल में गिर गया था। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन ने करीब नौ घंटे तक चले अभियान के बाद उसे सकुशल बाहर निकाल लिया था।

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