दिल्ली प्रदर्शन पर CJI सूर्यकांत का बयान, बोले- ‘यह मेरा मुद्दा नहीं है’
Naresh Kumar
Oct 12, 2026
दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों और पाबंदियों पर CJI सूर्यकांत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया।

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नयी दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है और “यह मेरा मुद्दा नहीं है।” उन्होंने यह टिप्पणी सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान की।
दिल्ली में प्रदर्शनों के बीच बढ़ाई गई सुरक्षा
पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के मद्देनजर सप्ताहांत में राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया और शहर के सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच की गई।
प्रदर्शनों के दौरान आवाजाही पर भी पाबंदियां लगाई गईं। खबर के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन पर पड़े असर को लेकर भी सवाल उठे।
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। खबर के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन और पाबंदियों के बारे में पूछे जाने पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था से संबंधित विषय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह मेरा मुद्दा नहीं है।”
NHRC के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए CJI
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत सोमवार को नयी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम से इतर पत्रकारों ने उनसे राजधानी में जारी प्रदर्शनों और सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों पर सवाल किए।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।