फेक कूरियर स्कैम से रहें सावधान, OTP और बैंक जानकारी साझा न करें
Naresh Kumar
Aug 20, 2026
साइबर ठगों द्वारा लोगों को Fake Courier/Parcel Scam का शिकार बनाकर ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं। ठग खुद को कूरियर कंपनी, डिलीवरी एजेंट, कस्टम विभाग अथवा पुलिस अधिकारी बताकर फोन करते हैं और पार्सल में अवैध सामान मिलने, पार्सल फंसने या किसी आपराधिक मामले से जुड़ा होने का डर दिखाकर लोगों से OTP, बैंक खाते की जानकारी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
साइबर ठग ऐसे करते हैं ठगी
• ठग फोन कर कहते हैं कि आपके नाम से कोई संदिग्ध या अवैध पार्सल बुक हुआ है।
• पार्सल को रोकने अथवा जांच के नाम पर डराया-धमकाया जाता है।
• इसके बाद सत्यापन के नाम पर OTP पूछा जाता है।
• कई बार वीडियो कॉल पर जुड़ने या स्क्रीन शेयर करने के लिए कहा जाता है।
• ठग बैंक खाते, ATM/डेबिट कार्ड, UPI अथवा अन्य वित्तीय जानकारी भी मांग सकते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
• किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP कभी साझा न करें।
• कूरियर/पार्सल की जानकारी के लिए केवल संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही संपर्क करें।
• फोन पर पुलिस, कस्टम या किसी सरकारी अधिकारी के नाम पर डराने वाले व्यक्ति की बातों में न आएं।
• बैंक खाता, ATM कार्ड, UPI PIN, CVV, पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
• अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई लिंक क्लिक, ऐप डाउनलोड या स्क्रीन शेयर न करें।
• यदि कोई व्यक्ति पार्सल के नाम पर पैसे जमा कराने अथवा ट्रांसफर करने का दबाव बनाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ठगी होने पर तुरंत करें कार्रवाई
यदि आपके साथ साइबर ठगी हो गई है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें और संबंधित बैंक/वित्तीय संस्था को तुरंत सूचित करें। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
एसपी सिद्धान्त जैन ने आमजन से अपील की है कि साइबर ठगों की बातों में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
