दादू की आवाज सुन चौंका पोता, पहली बार मेट्रो सफर
Naresh Kumar
Oct 06, 2026
शम्मी नारंग के पोते ने पहली बार दिल्ली मेट्रो में सफर किया। ट्रेन में दादू की आवाज सुनकर यह पल परिवार के लिए यादगार बन गया।

नयी दिल्ली। वर्ष 2002 में दिल्ली मेट्रो की शुरुआत से ही यात्रियों को स्टेशनों की जानकारी देने वाली आवाज हाल ही में एक ऐसे श्रोता तक पहुंची, जिसके लिए यह अनुभव बेहद खास था। मेट्रो में अपनी पहली यात्रा कर रहे उद्घोषक शम्मी नारंग के पोते ने जब ट्रेन में दादा की वही जानी-पहचानी आवाज सुनी तो उसके लिए यह सफर यादगार अनुभव बन गया।
मेट्रो में दादा की आवाज सुनकर हैरान हुआ पोता
दिल्ली मेट्रो में उद्घोषणाओं के लिए अपनी आवाज देने वाले 'वॉयस आर्टिस्ट शम्मी नारंग' ने परिवार से जुड़े इस खास पल को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किया। उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें बेहद गर्व होता है कि उनकी आवाज एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सफर करती रहेगी।
नारंग ने अपनी पोस्ट में लिखा, "हो सकता है कि मैं हमेशा इन मेट्रो ट्रेनों में सफर न कर पाऊं... लेकिन मुझे यह सोचकर बेहद गर्व होता है कि मेरी आवाज एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक सफर करती रहेगी।"
उन्होंने कहा कि वह अपने पोते को पहली बार मेट्रो की सवारी कराने ले गए थे और ट्रेन के भीतर जब उसने अपने दादा की जानी-पहचानी आवाज सुनी, तो वह "हैरान भी था और कुछ हद तक अचंभित भी।"
आवाज से जुड़ी याद ने सफर को बनाया खास
नारंग ने कहा, "यह वह आवाज थी, जिससे मेरा पोता पहले से परिचित था, लेकिन मेट्रो ट्रेन के भीतर उसे गूंजते हुए सुनना उसके लिए बिल्कुल नया अनुभव था।"
उन्होंने लिखा, "मेरी आवाज से मेरे पोते तक और शायद एक दिन उसके पोते-पोतियों तक... और फिर उससे भी आगे।"
एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती आवाज
नारंग ने इस खास सफर की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि यह पल पूरे परिवार के लिए बेहद खास था। उनका पोता पहली बार मेट्रो में सफर कर रहा था और उसी दौरान ट्रेन में उसे उस आवाज को सुनने का मौका मिला, जिसे वह अपने 'दादू' की आवाज के रूप में पहचानता है।