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UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क, RBI गवर्नर ने दूर की चिंता

UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क, RBI गवर्नर ने दूर की चिंता
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Naresh Kumar

Oct 07, 2026

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₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर व्यापारियों से लिया जाएगा शुल्क।

UPI पर मामूली शुल्क से लेन-देन पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: RBI गवर्नर

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के रूप में मामूली शुल्क लगाए जाने से लेन-देन की मात्रा पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद RBI मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल UPI लेन-देन की मात्रा में किसी तरह की गिरावट देखने को नहीं मिल रही है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने पिछले महीने व्यक्ति से व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने की घोषणा की थी। यह शुल्क ग्राहकों के बजाय व्यापारियों से लिया जाएगा। RBI गवर्नर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस मामूली शुल्क से UPI के इस्तेमाल पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ेगा।

मल्होत्रा ने बैंकिंग क्षेत्र को लेकर कहा कि बैंकों की कर्ज वृद्धि आगे भी मजबूत बने रहने की उम्मीद है, जिससे देश की व्यापक आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिलेगा। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सप्ताह में बैंकों के पास अतिरिक्त नकदी देखी गई है, लेकिन इसके लंबे समय तक बने रहने की संभावना नहीं है।

RBI गवर्नर ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक अत्यधिक नकदी के कारण NBFC की संपत्ति गुणवत्ता पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों से अवगत है, हालांकि RBI को फिलहाल ऐसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका नहीं है।

उन्होंने बताया कि रियायती अदला-बदली सुविधा के तहत प्रवासी भारतीयों से करीब 133 अरब अमेरिकी डॉलर की जमा राशि जुटाई गई है। उनके अनुसार यह FCNR(B) योजना और भारत की व्यापक आर्थिक बुनियाद की मजबूती को दर्शाता है। RBI को भरोसा है कि बैंक इस राशि का इस्तेमाल समझदारी के साथ करेंगे।

वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के चलते पूंजी प्रवाह में कमी आई है और चालू खाते पर बना दबाव अस्थायी है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश का भुगतान संतुलन जल्द ही फिर अधिशेष की स्थिति में लौट सकता है।

हालांकि, टाटा संस के NBFC लाइसेंस को वापस करने के अनुरोध और कंपनी की शेयर बाजार में संभावित लिस्टिंग से जुड़े सवाल पर RBI गवर्नर ने कोई जवाब नहीं दिया।

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