जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, 57 मेट्रो स्टेशनों पर बंदी का खतरा
Naresh Kumar
Oct 09, 2026
जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रदर्शन को अनुमति नहीं, दिल्ली में धारा 163 लागू; 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने की सिफारिश

प्रदर्शन की अनुमति नहीं, 20 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर। दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजधानी में 20,000 से अधिक पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) से 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने की सिफारिश की है।
प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं मिली?
नई दिल्ली रेंज की संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था। हालांकि, आवेदन पर विचार करने के बाद अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत किसी भी प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी कम से कम 10 दिन पहले देना आवश्यक है।
पिछले प्रदर्शन में नियमों के उल्लंघन का आरोप
नूपुर प्रसाद ने कहा कि इससे पहले भी कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान संगठन ने कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया था। उन्होंने बताया कि पिछली घटनाओं, मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
नई दिल्ली में धारा 163 लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि धारा 163 का उल्लंघन करने, तोड़फोड़ करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने की सिफारिश
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) से शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार तक 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का अनुरोध किया है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (परिवहन रेंज) रजनीश गुप्ता ने डीएमआरसी को भेजे पत्र में कहा कि परिस्थितियों के अनुसार 10 अक्टूबर को संबंधित स्टेशनों से गुजरने वाली मेट्रो ट्रेनों के फेरे भी घटाए जा सकते हैं। हालांकि, मेट्रो सेवाओं में वास्तविक बदलाव की पुष्टि डीएमआरसी की आधिकारिक सूचना से ही होगी।
राजीव चौक, कश्मीरी गेट समेत कई प्रमुख स्टेशन सूची में
जिन 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की सिफारिश की गई है, उनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, आईएनए, हौज खास, आजादपुर, जामिया मिलिया इस्लामिया, शाहीन बाग, वेलकम और रोहिणी पश्चिम जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, अनधिकृत जमावड़े से बचने की अपील
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 10 अक्टूबर के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में 20 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य शांति भंग होने से रोकना, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात को सुचारू बनाए रखना है।
अधिकारी ने कहा कि जंतर-मंतर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने लोगों से अनधिकृत जमावड़े में शामिल न होने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर SIR में अनियमितताओं के आरोप
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और मतदाता पंजीकरण से संबंधित फॉर्म-6 में बदलाव के मामले में दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की कथित आपत्तियों को नजरअंदाज करने की बात भी शामिल है। हालांकि, ये आरोप हैं, स्थापित तथ्य नहीं।
मेट्रो यात्रियों के लिए जरूरी सूचना
10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे विशेष रूप से राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, कश्मीरी गेट और मंडी हाउस जैसे प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों से संबंधित अपडेट जरूर जांचें। 57 स्टेशनों को बंद करने की सिफारिश का अर्थ यह नहीं है कि सभी स्टेशन बंद कर दिए गए हैं।
