“पता नहीं कल रहूंगा या नहीं”: नाना पाटेकर
Naresh Kumar
Oct 08, 2026
निधन से तीन दिन पहले नाना पाटेकर ने कहा था, 'पता नहीं मैं कल यहां रहूंगा या नहीं'

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने अपने आकस्मिक निधन से महज तीन दिन पहले गोवा में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में जीवन और मृत्यु को लेकर ऐसी बात कही थी, जो अब भावुक कर देने वाली लगती है। उन्होंने कहा था, "हम सभी को एक दिन जाना है। पता नहीं मैं कल यहां रहूंगा या नहीं।" उस समय शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि कुछ ही दिनों बाद उनके निधन की खबर सामने आएगी।
पाटेकर ने 4 अक्टूबर को गोवा के डोना पाउला में आयोजित 'सम्राट क्लब इंटरनेशनल' के कार्यक्रम में कहा था कि जीवन में मृत्यु का समय हर किसी के लिए आता है, लेकिन उससे पहले व्यक्ति को खुद से पूछना चाहिए कि क्या वह वही कर रहा है जो वह करना चाहता है और क्या उसने अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास किया है।
प्राप्त समाचार के अनुसार, 76 वर्षीय नाना पाटेकर का बृहस्पतिवार तड़के गोवा में निधन हो गया। आशंका जताई गई है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।
कार्यक्रम के दौरान पाटेकर ने अपने मित्र और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पर्रिकर ऐसे व्यक्ति थे, जिन पर गर्व किया जा सकता है। पाटेकर ने उनकी सादगी, व्यक्तित्व और समाज के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि पर्रिकर ने अपना जीवन एक मिशन की तरह जिया।
उन्होंने कहा कि दुनिया से विदा होने से पहले कुछ महत्वपूर्ण हासिल करने के लिए व्यक्ति के भीतर जुनून, समर्पण और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता होना जरूरी है।
कार्यक्रम के बाद नाना पाटेकर ने स्थानीय कलाकारों के साथ गोवा का पारंपरिक वाद्य यंत्र 'शामेल' भी बजाया और स्थानीय लोककला 'देखणी' नृत्य में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उनकी यह भागीदारी उनके कला और संस्कृति के प्रति लगाव को दर्शाती है।
“आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने!” — फिल्म क्रांतिवीर में नाना पाटेकर का यह मशहूर डायलॉग आज भी दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है। अपने दमदार अभिनय और बेबाक अंदाज से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाई।
